छपरा, पंकज श्रीवास्तव। सारण जिले के सहाजितपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां तालाब में स्नान करने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​कोचिंग से लौटने के दौरान हुआ हादसा

​जानकारी के मुताबिक, पीपाड़ा गांव के रहने वाले तीनों किशोर एक साथ बगल के एक कोचिंग सेंटर में ट्यूशन पढ़ने गए थे। कोचिंग से पढ़ाई पूरी कर वापस लौटने के दौरान तीनों गांव के ही एक तालाब में स्नान करने के लिए उतर गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को गहरी चिंता हुई और उन्होंने आसपास के इलाकों में उनकी खोजबीन शुरू कर दी।

​कपड़े मिलने पर गहराया अनहोनी का शक

​परिजनों ने जब तालाब के पास पहुंचकर छानबीन की, तो वहां युवकों के कपड़े और अन्य सामान रखे मिले। इससे परिजनों की आशंका सच साबित हुई और अनहोनी का अंदेशा गहरा गया। ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर तालाब में युवकों की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता न मिलने पर स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

​एक-एक कर बरामद हुए तीनों शव

​एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया:

  • ​पहला शव: तलाशी शुरू होने के कुछ घंटों बाद कमलेश सिंह के 17 वर्षीय पुत्र दिव्यांश कुमार का शव बरामद हुआ।
  • ​दूसरा शव: उसके लगभग दो घंटे बाद सुशील सिंह के 15 वर्षीय पुत्र आशु कुमार का शव भी तालाब से बाहर निकाला गया।
  • ​तीसरा शव: रात भर चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुबह सोनू कुमार के 16 वर्षीय पुत्र नवनीत कुमार का शव भी बरामद कर लिया गया।

​गांव में छाया मातम और पुलिस कार्रवाई

​एक साथ तीन किशोरों की मौत से पूरे पीपाड़ा गांव में कोहराम मच गया है और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण तालाब के पास एकत्र हो गए। स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद रहकर पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच में जुटी हुई है। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर गहरे पानी वाले तालाबों और जल स्रोतों के पास बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को रेखांकित किया है।