पंकज श्रीवास्तव, छपरा। सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र अंतर्गत परसा परसागढ़ गांव में आपसी विवाद के बाद हुई खूनी चाकूबाजी में एक-एक कर तीन युवकों की मौत हो गई है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी और भारी दहशत का माहौल है। इस हिंसक वारदात ने स्थानीय प्रशासन और आमजन को झकझोर कर रख दिया है।
कैसे शुरू हुआ खूनी संघर्ष?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छपरा के काशी बाजार निवासी अंकुर पटेल उर्फ धोनी अपने मामा के घर परसा परसागढ़ आया हुआ था। किसी बात को लेकर उपजा मामूली विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि उसने खूनी रूप ले लिया। बात बढ़ते-बढ़ते चाकूबाजी तक जा पहुंची, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल परिसर में भी दोबारा चाकूबाजी की चर्चा
घटना के बाद घायलों को तुरंत इलाज के लिए एकमा स्थित डॉक्टर एस कुमार के निजी अस्पताल में लाया गया था। सनसनीखेज बात यह है कि चर्चा है कि अस्पताल परिसर के भीतर भी दोबारा चाकूबाजी की घटना को अंजाम दिया गया, जिससे स्थिति और अधिक बेकाबू और गंभीर हो गई।
तीन युवकों की हुई मौत
इस हिंसक झड़प में जान गंवाने वालों की पहचान रूप में हुई है:
- अंकुर पटेल उर्फ धोनी (निवासी: काशी बाजार, छपरा) – इनकी मौत एकमा के निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान हो गई।
- मुकेश कुमार (पिता: ध्रुप यादव, निवासी: जिरतपुर पचुआ, एकमा) – छपरा सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में मौत।
- रमेश यादव (पिता: विजय यादव, निवासी: एकमा) – सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
- वहीं, इस पूरी घटना में विवेक कुमार (पिता: बिनोद कुमार) भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है।
पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एकमा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी।
इस संबंध में सदर एसडीपीओ-2 ने मीडिया को जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला आपसी रंजिश का परिणाम प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि विवाद की असल वजह क्या थी और इस खूनी खेल में कौन-कौन लोग सीधे तौर पर शामिल थे। फिलहाल, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है।

