पंकज श्रीवास्तव, छपरा। बिहार के सारण जिले में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। पानापुर प्रखंड के सरौजा भगवानपुर गांव के समीप गुरुवार सुबह गंडक के भारी दबाव के कारण सारण मुख्य तटबंध टूट गया। तटबंध के टूटने से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है और पानी तेजी से निचले इलाकों में फैलने लगा है।
इन क्षेत्रों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से गांवों और खेतों में प्रवेश कर रहा है। पानापुर के अलावा तरैया क्षेत्र में भी इसका असर दिखने लगा है। सतजोड़ा के समीप तटबंध टूटने के कारण स्थिति अधिक भयावह हो गई है। इसके अलावा मकेर प्रखंड में छपरा-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-722) और मकेर-परसा-शीतलपुर सड़क पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

प्रशासन और राहत बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रौशन कुमार लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। साथ ही, निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
जलस्तर में वृद्धि और लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तटबंधों पर लगातार दबाव बना हुआ था और रिसाव की भी सूचना मिल रही थी। हालांकि प्रशासन की ओर से समय पर मरम्मत और बचाव कार्य किए जाने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन पानी के भारी दबाव के आगे ये प्रयास नाकाफी साबित हुए और आखिरकार तटबंध टूट गया। फिलहाल अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

