छपरा, पंकज श्रीवास्तव। सारण जिले में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से भयंकर बाढ़ आ गई है। पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर, परसा, दरियापुर और सोनपुर प्रखंडों की 30 से अधिक पंचायतें और 170 गांव इसकी चपेट में हैं। इससे लगभग 3.32 लाख आबादी और 75 हजार से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन की तुरंत कार्रवाई के बाद अब तक 43,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

​राहत और बचाव कार्य

​बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 10 टीमें तैनात हैं। पानी के बीच आवागमन के लिए 2,540 से अधिक नावें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, हेलीकॉप्टर के जरिए भी फूड पैकेट गिराए जा रहे हैं। प्रशासन ने अब तक 2,650 सूखे राशन पैकेट और 9,947 पॉलीथिन शीट जरूरतमंदों में बांटी हैं।

​चिकित्सा और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था

​चिकित्सा सुविधाएं: बाढ़ पीड़ितों के स्वास्थ्य के लिए 20 मेडिकल शिविर और 5 मोबाइल यूनिट काम कर रही हैं।
​भोजन व्यवस्था: 46 सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक 50,550 से अधिक लोगों को भोजन कराया गया है। 14 राहत केंद्रों पर शरणार्थियों को आश्रय दिया गया है।
​पशु चिकित्सा: मवेशियों के लिए 8 शिविर लगाकर 370 पशुओं का इलाज किया गया है और 153.5 कुंतल पशु चारा वितरित हुआ है।

​तटबंध कटाव और परसा प्रखंड की गंभीर स्थिति

​जिले में चार स्थानों पर तटबंधों में कटाव हुआ है, जिसकी मरम्मत का कार्य जारी है। लापरवाही बरतने वाले 3 अभियंताओं को सस्पेंड कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। परसा प्रखंड के कई नए गांवों में भी पानी पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में डूबने से 3 लोगों की मौत की खबर है। बिजली आपूर्ति ठप होने से मोबाइल नेटवर्क प्रभावित हुआ है। बुजुर्गों के अनुसार, पिछले 70-75 वर्षों में इस क्षेत्र में ऐसी बाढ़ कभी नहीं देखी गई थी।