अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। बिहार के रोहतास जिला अंतर्गत सासाराम में आज अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के बैनर तले किसानों और मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर में आक्रोशपूर्ण विरोध मार्च निकालते हुए सासाराम समाहरणालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को गहरी नींद से जगाना और जिले में लंबे समय से लंबित भूमि सुधार कानूनों को सख्ती से लागू करवाना था।
किसान मजदूर सभा के नेता अयोध्या राम के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में वक्ताओं ने जिला प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की उदासीनता के कारण गरीबों और भूमिहीनों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
जमीनों पर दबंगों का अवैध कब्जा
प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा तिलौथू प्रखंड में स्थित भूदान की जमीन का था। आंदोलनकारियों का कहना है कि कागजों पर यह जमीन भूमिहीनों में वितरित किए जाने के लिए निर्धारित है, लेकिन धरातल पर पुराने भूमि धारक और स्थानीय दबंग इस पर लगातार अवैध कब्जा जमा रहे हैं। इसके अलावा रोहतास जिले में माननीय उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भूमि सुधार से जुड़े प्रावधानों को लागू नहीं किया जा रहा है।
संगठन का यह भी आरोप है कि रोहतास में गरीबों की निजी व अधिकार प्राप्त जमीनों पर दबंगों का भारी कब्जा है। भूदान, सीलिंग और अन्य सरकारी श्रेणियों की जमीनों को दबंगों के चंगुल से मुक्त कराने में जिला प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है, जिसके चलते गरीब परिवार दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
सड़क पर उतरे किसानों और मजदूरों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने जल्द से जल्द इस मामले का संज्ञान नहीं लिया और भूमाफियों के चंगुल से जमीनें मुक्त कराकर गरीबों में उनका वितरण शुरू नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। समाहरणालय के समक्ष हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

