अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर चेकिंग और निगरानी के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। सासाराम के शिवसागर थाना क्षेत्र के पखनारी के पास पुलिस की वर्दी की आड़ में सड़क से गुजरने वाले वाहनों से अवैध वसूली करने और लूट की बड़ी योजना बनाने वाले पांच नकली पुलिसकर्मियों को असली पुलिस ने धर दबोचा है।
पुलिस और कमांडो के फुल ड्रेस में थे आरोपी
सासाराम के एसडीपीओ गौरव यादव ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए पांचों फर्जी व्यक्ति पुलिस तथा कमांडो के फुल ड्रेस में थे। इन शातिर अपराधियों ने अपनी पहचान छुपाने और लोगों पर धौंस जमाने के लिए ऐसा रूप धारण किया था। पूछताछ के दौरान ये शातिर खुद को साल 2017 बैच का दरोगा बताकर पुलिस को भी चकमा देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता और मुस्तैदी के आगे इनकी एक नहीं चली।
वाहन, हथियार और नकली पिस्टल बरामद
पुलिस ने जब इन नकली पुलिसकर्मियों की घेराबंदी कर तलाशी ली, तो इनके पास से कई आपत्तिजनक और खतरनाक सामान बरामद हुए। इनके कब्जे से एक चार पहिया वाहन मिला है, जिसके ऊपर ‘पुलिस’ लिखा हुआ था ताकि किसी को शक न हो। इसके अलावा इनके पास से दो देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और एक असली जैसी दिखने वाली प्लास्टिक या खिलौने वाली पिस्टल भी बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल ये लोगों को डराने-धमकाने के लिए करते थे।
रोहतास और कैमूर के सीमावर्ती इलाकों में था आतंक
यह गिरोह मुख्य रूप से रोहतास और कैमूर जिले के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था। ये लोग ज्यादातर रात के सन्नाटे में एनएच-19 पर पुलिस की वर्दी पहनकर घूमते थे और सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों, खासकर ट्रक ड्राइवरों को रोककर अवैध वसूली और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे। रात के समय वर्दी में होने के कारण आम लोग या ड्राइवर आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पूरी कुंडली और पहचान
शिवसागर थाना की पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई करते हुए रोहतास और कैमूर जिलों के कुल पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनका पूरा विवरण इस प्रकार है:
- प्रवीण सिंह: यह इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना है, जो शिवसागर थाना क्षेत्र के कोनार गांव का रहने वाला है। गिरफ्तारी के वक्त यह इंस्पेक्टर या दरोगा की फुल वर्दी में था।
- दिवाकर कुमार सिंह: यह कैमूर जिले के सवार थाना क्षेत्र के अमाव गांव का रहने वाला है। यह भी इंस्पेक्टर या दरोगा की फुल वर्दी पहने हुआ था। इसका पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।
- वीरेंद्र कुमार: यह कैमूर जिले के कुदरा का रहने वाला है और कमांडो के ड्रेस में था।
- इसरार आलम: यह रोहतास जिले के करगहर का रहने वाला है और कमांडो ड्रेस में पकड़ा गया। इसका भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
- रजनीश कुमार: यह चेनारी थाना क्षेत्र के छितराटॉढ का रहने वाला है और यह भी कमांडो की पोशाक में था।
एसडीपीओ का बयान और आगे की कानूनी कार्रवाई
सासाराम के एसडीपीओ गौरव यादव ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ शिवसागर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पकड़े गए अपराधियों में से दिवाकर कुमार सिंह और इसरार आलम का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है, जिससे यह साफ होता है कि यह एक संगठित गिरोह था जो लंबे समय से इस तरह के वारदातों को अंजाम दे रहा था। फिलहाल पुलिस सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद इनके अन्य साथियों और संपर्कों की तलाश में जुटी हुई है।


