अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। रोहतास जिले के मुख्यालय सासाराम में पिछले दो दिनों से समाहरणालय के समक्ष चल रहा आमरण अनशन आखिरकार समाप्त हो गया है। जन सुराज पार्टी के युवा विंग के जिलाध्यक्ष बलजीत यादव मंडल कारा में हुई एक विचाराधीन कैदी की मौत के मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता और पार्टी नेताओं के सकारात्मक हस्तक्षेप के बाद यह अनशन समाप्त हुआ।

​क्या है पूरा मामला?

​बीते 15 सितंबर को सासाराम मंडल कारा (जेल) में बंद विचाराधीन कैदी अमरजीत यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही इलाके में सुगबुगाहट तेज हो गई थी और न्याय की मांग उठने लगी थी। मृतक के परिजनों और समर्थकों को न्याय दिलाने तथा मामले में संलिप्त लापरवाह व दोषी कर्मियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जन सुराज पार्टी के युवा सेल के जिलाध्यक्ष बलजीत यादव ने मोर्चा खोला। इसी मांग को लेकर वे सासाराम समाहरणालय के मुख्य गेट के सामने पिछले दो दिनों से आमरण अनशन पर डटे हुए थे।

​प्रशासन का आश्वासन और नेताओं की पहल

​अनशन के दूसरे दिन स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित किया। जिलाधिकारी (DM) की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया गया।
​इसके साथ ही, जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी बलजीत यादव से संपर्क किया और उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए अनशन समाप्त करने का औपचारिक निर्देश दिया। पार्टी नेतृत्व और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों के बाद बलजीत यादव ने जूस पीकर अपना आमरण अनशन तोड़ा।

​आगे की स्थिति

​प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल समाहरणालय के समक्ष चल रहा धरना-प्रदर्शन समाप्त हो गया है। हालांकि, जन सुराज पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे विचाराधीन कैदी की मौत के मामले की पूरी रिपोर्ट और जांच पर कड़ी नजर बनाए रखेंगे। यदि तय समय सीमा के भीतर दोषियों पर ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पार्टी एक बार फिर व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी। फिलहाल, अनशन समाप्त होने से प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर राहत की सांस ली गई है।