अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। बिहार की राजनीति में इन दिनों पटना विधान परिषद (एमएलसी) सीट को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर चल रहा अंदरूनी घमासान सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह और विधान परिषद उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच छिड़ी जंग ने पार्टी की आंतरिक कलह को सरेआम ला दिया है। इस गरमाती राजनीति के बीच अब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा का बड़ा और तीखा बयान सामने आया है, जिसने सियासी पारे को और ज्यादा चढ़ा दिया है।
कोचस में ग्रामीण संवाद के दौरान आया बड़ा बयान
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा रोहतास जिले के कोचस प्रखंड में पार्टी के ग्रामीण संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और जोश भरा। कार्यक्रम के समापन के बाद जब मीडिया ने उनसे पटना विधान परिषद सीट को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे खुला विवाद पर सवाल दागा, तो उन्होंने पूरे मामले पर अपनी बात रखी।

शीर्ष नेतृत्व की पैनी नजर, जल्द होगा खेल खत्म!
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनीष कुमार वर्मा ने दो टूक अंदाज में कहा कि यह पूरा प्रकरण पार्टी का पूरी तरह से अंदरूनी मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के मुद्दों को लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपनी आंखें गड़ाए बैठा है और हर एक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
यह पूरी तरह से हमारा आंतरिक मामला है। इस पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपने स्तर से पूरी गंभीरता से देख रहा है। बहुत जल्द इस मामले का कोई न कोई ठोस और उचित समाधान निकाल लिया जाएगा। – मनीष कुमार वर्मा, राष्ट्रीय महासचिव, जदयू
क्यों भूचाल बना हुआ है यह विवाद?
पटना विधान परिषद सीट को लेकर शुरू हुआ यह घमासान अब पार्टी की चार दीवारों से निकलकर बाहर आ चुका है, जिससे राजनीतिक दलों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ऐसे में कद्दावर नेता मनीष कुमार वर्मा का यह बयान बहुत बड़ा संकेत देता है कि पार्टी इस रस्साकशी को और अधिक बढ़ने नहीं देगी। शीर्ष स्तर पर इस कलह को दबाने और सुलझाने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि समय रहते डैमेज कंट्रोल किया जा सके।

