अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। सदर अस्पताल सासाराम में कार्यरत ममता कार्यकर्ताओं ने विभाग की प्रभारी अधिकारी सीमा कुमारी पर भेदभाव और मनमानी का आरोप लगाया है। ममता कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और परिवार नियोजन से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाती हैं। स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
विश्राम गृह से वंचित करने का आरोप
कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहले उन्हें अस्पताल परिसर में विश्राम गृह उपलब्ध था, जहां वे काम के बीच आराम कर सकती थीं। लेकिन अब उन्हें उस सुविधा से वंचित कर दिया गया है, जिसके कारण पूरे दिन खड़े रहकर काम करना पड़ता है। उनका आरोप है कि उनकी समस्याओं को बार-बार रखने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अनदेखी की जा रही है और उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। साथ ही वेतन भुगतान में देरी और जातीय भेदभाव के आरोप भी लगाए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
मामले पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आसित रंजन ने कहा कि कुछ ममता कार्यकर्ताएं अपनी शिकायतों के साथ उनसे मिली थीं और अधिकांश मुद्दों का समाधान कर दिया गया है। उनके अनुसार, कार्यकर्ताओं को बैठने के लिए विश्राम गृह और कुर्सियां उपलब्ध करा दी गई हैं तथा आवंटन मिलते ही वेतन भुगतान भी कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता कार्यकर्ता अस्पताल परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और उन पर भेदभाव के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
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