अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। अंधविश्वास और जादू-टोने के नाम पर वन्य जीवों के अंगों का अवैध व्यापार करने वाले तस्करों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रोहतास वन प्रमंडल की टीम ने सासाराम नगर थाना क्षेत्र के धर्मशाला रोड स्थित एक दुकान पर छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित वन्य जीव वस्तुएं बरामद की हैं और एक दुकानदार को गिरफ्तार किया गया है।
छापेमारी में कई प्रतिबंधित अंग बरामद
रोहतास वन प्रमंडल के डीएफओ (DFO) स्टालिन फिडल कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अवैध वन्य जीव व्यापार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुप्त सूचना के आधार पर धर्मशाला रोड स्थित एक दुकान पर औचक छापेमारी की गई।
कार्रवाई के दौरान दुकान से मॉनिटर लिजार्ड (बड़ी छिपकली) के 15 पीस ‘हाथा जोड़ी’, 5 पंजे और बिल्ली की 5 ‘खेड़ी’ (नाल) समेत कई अन्य संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गईं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ये सभी वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित वस्तुएं हैं।

अंधविश्वास और जादू-टोने के नाम पर होता है इस्तेमाल
जांच में यह बात सामने आई है कि इन वन्य जीव अंगों का उपयोग अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और जादू-टोने के लिए किया जाता है। तस्कर भोले-भाले और अंधविश्वासी लोगों को इन दुर्लभ चीजों को चमत्कारी बताकर ऊंची कीमतों पर बेचते हैं।
डीएफओ स्टालिन फिडल कुमार ने स्पष्ट किया कि वन्य जीवों के अंगों की खरीद-बिक्री कानूनन अपराध है और इसमें लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, गिरफ्तार दुकानदार से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी सुराग मिल सके और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।


