राकेश चतुर्वेदी, भोपाल/सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले से गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन की हेराफेरी और कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत संचालित करीब 275 बोरी गेहूं से भरा एक ट्रक निर्धारित गंतव्य पर पहुंचने के बजाय सीधे एक निजी फ्लोर मिल में पहुंच गया, जहां रात के अंधेरे में चुपचाप गेहूं की बोरियां उतारी जा रही थीं। भनक लगते ही पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा और फ्लोर मिल को सील कर दिया, जबकि गेहूं से भरे ट्रक को मोतीनगर थाने में खड़ा करवा दिया गया है।
वेयरहाउस से SPC के लिए निकला था ट्रक, रास्ते में बदल दिया गया रूट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक भरत पटेल जो सुभाषनगर का रहने वाला है, साईंखेड़ा वेयरहाउस से लगभग 275 बोरी गेहूं ट्रक में भरकर रवाना हुआ था। उसे किसी रोहित दांगी के निर्देश पर पर्ची देकर SPC यानी विशिष्ट खरीद केंद्र के लिए भेजा जाना था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ट्रक अपने निर्धारित और तय स्थान पर पहुंचने के बजाय मोतीनगर थाना क्षेत्र के छोटा करीला स्थित ‘MK इंटरप्राइजेज’ फ्लोर मिल जा पहुंचा। यह निजी फ्लोर मिल गणेश केशरवानी की बताई जा रही है। रात के वक्त फ्लोर मिल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रक से गेहूं की बोरियां खाली कराई जा रही थीं, तभी मुखबिर की सूचना पर मोतीनगर थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई।

सीएसपी और खाद्य विभाग की टीम ने की औचक कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए CSP ललित कश्यप भी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद तत्काल खाद्य आपूर्ति विभाग को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद सहायक आपूर्ति अधिकारी मौके पर पहुँचे और ट्रक व मिल में रखे गेहूं से संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। प्रारंभिक जांच में पूरा मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध और राशन घोटाले की बू लिए हुए प्रतीत हुआ, जिस पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से फ्लोर मिल को सील कर दिया। वहीं, ट्रक को थाने लाकर खड़ा कराया गया और चालक भरत पटेल के बयान दर्ज कर उससे पूछताछ की जा रही है।

मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना पर उठे गंभीर सवाल
गौरतलब है कि ‘मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना’ के तहत संचालित इन ट्रकों का मुख्य उद्देश्य सरकारी राशन को पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचाना होता है। ऐसे में सरकारी गेहूं का रूट बदलकर किसी निजी फ्लोर मिल तक पहुंच जाना प्रशासन और परिवहन व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। अब खाद्य विभाग और पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि वेयरहाउस से यह गेहूं आखिर किसके इशारे पर और किसकी मिलीभगत से निकला था। इस पूरे खेल में वेयरहाउस से लेकर परिवहन और फ्लोर मिल संचालक तक किसकी और क्या भूमिका रही है, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

