गुहला-चीका। अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तेज होते ही प्रशासन ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शुक्रवार को एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने चीका अनाज मंडी और कैथल-पटियाला रोड स्थित अतिरिक्त मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खरीद एजेंसियों और आढ़तियों के साथ बैठक कर जमीनी दिक्कतों को समझा और उनके तुरंत समाधान के आदेश दिए।

बारदाने की कमी सबसे बड़ी अड़चन

मार्केट कमेटी कार्यालय में हुई बैठक के दौरान आढ़तियों और खरीद एजेंसियों ने एसडीएम के सामने मुख्य रूप से बारदाने (बोरियों) की किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि गेहूं की खरीद तो सही चल रही है, लेकिन समय पर बोरियां न मिलने के कारण फसल का उठान नहीं हो पा रहा है, जिससे मंडी में जगह की कमी हो रही है।

अफसरों को सख्त हिदायत

समस्या सुनने के बाद एसडीएम ने हैफेड के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा, बारदाने का वितरण समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जाए। मार्केट कमेटी के सचिव बारदाना वितरण की प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखें। अधिकारी और एजेंसियां आपसी तालमेल बिठाएं ताकि किसानों को परेशानी न हो।

मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा

एसडीएम ने मंडी का दौरा कर गेट पास, पीने के पानी और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को भी परखा। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसानों को मंडी में फसल उतारने से लेकर उठान तक कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आढ़तियों से कहा कि बोरियों की भराई के बाद उन्हें व्यवस्थित तरीके से लगाएं ताकि ट्रकों को लोडिंग में दिक्कत न आए।

किसानों से अपील

एसडीएम ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी फसल को पूरी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं। नमी अधिक होने पर खरीद प्रक्रिया में देरी होती है, इसलिए प्रशासन का सहयोग करें।

समाधान शिविर में सुनीं शिकायतें

मंडी निरीक्षण के साथ-साथ प्रशासन ने जन समस्याओं के निपटारे पर भी जोर दिया। समाधान शिविर में पहुंचे शिकायतकर्ताओं की फाइलों का अध्ययन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों को लंबित न रखें। विशेष रूप से नगर परिषद से जुड़े कब्जे के मामलों में सचिव को मौके पर जाकर समाधान करने को कहा गया। इस दौरान एसडीएम संजय कुमार, जिला परिषद सीईओ सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा और विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।