सेक्स सीडीकांड : कांग्रेस ने कुर्मी समाज के विरोध-रैली का किया समर्थन, सरकार पर लगाए 29 आरोप

 
रायपुर। कथित सेक्स सीडीकांड मामले को लेकर कांग्रेस एक बार फिर सरकार हमलावर हो गई है. कांग्रेस ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में सरकार एक साथ सीडीकांड मामले 30 आरोप लगाए. प्रदेश कांग्रेस महामंत्री शैलेष नितिन त्रिवेदी ने सीडीकांड मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए यह आरोप लगाया कि 8 दिसंबर को राजधानी में आयोजित कुर्मी समाज के विरोध रैली को प्रभावित करने का काम सरकार कर रही है. कांग्रेस ने विनोद वर्मा की गिरफ्तारी को लेकर आयोजित कुर्मी समाज के विरोध-प्रदर्शन किया समर्थन किया है.

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कांग्रेस ने सरकार पर जो 29 आरोप लगाए हैं वो ये हैं-

  • सीडी कांड को राजनैतिक प्रतिशोध की भावना से बनाया गया फर्जी मामला है। यही कारण है कि आज तक सीबीआई ने सबूतो के अभाव में इस फर्जी और बेतुके मामले को रजिस्टर ही नही किया गया है.
  • सत्ताधीषो के इषारो पर बनाये गये कथित भयादोहन इस झूठे मामले में आज तक पुलिस ने नही बताया है कि प्रकाष बजाज से किससे और कब पैसों की मांग की। लैण्डलाईन नम्बर पर किस नंबर से किस समय फोन किया गया, किसने फोन किया?
  • सीडी मामले में झूठी रिपोर्ट लिखी गयी और पूरी जांच भी झूठ पर ही आधारित की जा रही है। वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा के घर रात को 3 बजे छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी सीडी से भरा हुआ थैला लेकर जाते है और घर से सीडी का जप्ती-नामा बनाया जाता है.
  • .कथित फर्जी सीडी किसने बनाई है, किसके इषारो पर बनाई गयी है और यह सीडी एक पत्रकार विनोद वर्मा तक कैसे पहुंची, इस दिषा में जांच क्यों नहीं की जा रही है?
  • .भाजपा की रमन सिह सरकार जब कांग्रेस के राजनैतिक आक्रमण का मुकाबला नही कर पा रही है तो बौखलाकर झूठे मामले बनाने और दुष्प्रचार का सहारा ले रही है. दरअसल इस सीडी कांड को सीबीआई ने स्वीकार करने से इंकार कर दिया क्योंकि कोई मामला बनता ही नही है। कभी जस्ट डायल से सीडी बनाने वाले का नम्बर लेने की बात कही गयी और अब वेबसाईट में विज्ञापन देने की बात कही गयी.
  • पुलिस द्वारा लगातार 1000 सीडी बनाने की बात कही गयी थी। 1000 सीडी बनाने की बात से ही स्पष्ट है कि यह मामला भयादोहन का हो ही नहीं सकता है। विपक्ष को धमकाने के लिये पुलिस का इस्तेमाल करने के बजाय रमन सिंह सरकार में हिम्मत है तो यह सीडी बनाने वालों और इस सीडी को लेकर विगत कई महिनों से घूम रहे लोगों की जांच और उनसे पूछताछ करें ताकि सच्चाई सामने आ सके.
  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के घर आने जाने वालों पर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से कार्यवाही करके की बात कहकर भाजपा सरकार ने राजनैतिक प्रतिषोध की अपनी काली नीयत उजागर कर दी है. राजनैतिक प्रतिषोध के लिये पुलिस प्रषासन के दुरूपयोग और सारे नियम कानूनों को बलाये ताक रखने का काम लगातार रमन सिंह सरकार द्वारा किया जा रहा है.
    अब तक सीबीआई द्वारा केस रजिस्टर्ड नही करने से और सबूतों के अभाव में डायरी लौटा देने से ही सीडी मामले का खोखलापन उजागर हो चुका है. चूंकि सीडी मामले में कोई अपराध ही नहीं हुआ है। इसीलिये सीबीआई ने सीडी मामले को जांच के लिये रजिस्टर किया ही नहीं.
  • रमन सरकार कांग्रेस नेताओं के यहां आने जाने वालों की निगरानी करवा रही है फोन टेपिंग की षिकायते लगातार मिल रही है। मोबाईल बंद होने पर भी फाल्स रिंग जाना बातचीत के बीच मेें ही आवाज गायब हो जाना ऐसी घटनाओं से टेपिंग के आरोप सही साबित होते है.
  • कुछ समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित हुये है जिसमें पंडरी पुलिस की केस डायरी में उल्लेख का विवरण ही नहीं है, यह भी बताया गया है कि केस डायरी में क्या लिखा है.
  • किसी भी न्यायालीन प्रकरण में केस डायरी जांच अधिकारी द्वारा लिखी जाती है जो न्यायालय द्वारा विशेष परिस्थितियों में बुलाकर देखी जा सकती है.
  • न केवल केस डायरी के बातों की जानकारी समाचार पत्रों तक पहुंचाने में रमन सरकार स्वयं लगी है, बल्कि केस डायरी में क्या लिखा है यह छपवाया भी जा रहा है जो कि सीआरपीसी की सेक्शन 172 सीआरपीसी का खुला उल्लंघन है. जिस तरह से शिक्षाकर्मी आंदोलन की साजिश में जेल मेनुअल का उल्लंघन किया गया, उसी तरह सीडी मामले में भी कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर अपने राजनैतिक हित साधने में लगी है, रमन सरकार.
  • कुर्मी समाज के 8 तारीख के प्रदर्शन को पहले सरकार द्वारा जानबुझकर ऐसे समाचार उपलब्ध कराये जा रहे है जो साजिश का हिस्सा है.
  • शिक्षाकर्मियों के समर्थन में कांग्रेस के छत्तीसगढ़ बंद से घबराकर जिस तरह रमन सरकार ने जेल मैनुअल को तोड़ा उसी तरह कुर्मी समाज के प्रदर्शन को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह समाचार छपवाया गया है.
  • जबकि कुर्मी समाज ने हमेशा छत्तीसगढ़ के हितों को सर्वोपरि रखा है.
  • स्वतंत्रता संग्राम में अन्य समाजों की ही तरह कुर्मी समाज ने बड़ी भूमिका निभाई है.
  • भातृसंघ की स्थापना डाॅ. खूबचंद बघेल जिसमें ब्राम्हण, यादव, साहू, सतनामी, आदिवासी, कुर्मी सबके साथ रहकर छत्तीसगढ़ के विकास की परिकल्पना की गयी है.
  • डाॅ. खूबचंद बघेल ने परसराम यदु, बृजलाल वर्मा, रामरतन त्रिवेदी जैसे नेताओं से सहयोग, सभी समाज से सहयोग लेकर पृथक छत्तीसगढ़ की आवाज उठाई जिसके परिणाम स्वरूप ही अंततः 2000 में छत्तीसगढ़ का निर्माण हुआ है.
  • छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण सर्वदलीय मंच में चंदूलाल चंद्राकर ने भी पवन दीवान, सुधीर मुखर्जी जैसे नेताओं के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ की लड़ाई लड़ी.
  • छत्तीसगढ़ के सभी समाजों को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के हक और हित को लेकर, स्वाभिमान रैली राज्य निर्माण के पहले कुर्मी समाज ने ही की थी.
  • स्वाभिमान रैली में भी कुर्मी समाज ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की लड़ाई छत्तीसगढ की सभी समाजों को साथ लेकर लड़ी थी.
  • छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र नहीं लाठी डंडे की सरकार चल रही है.
  • राजनैतिक उद्देश्यों से पुलिस प्रशासन का मनमाना इस्तेमाल हो रहा है.
    विपक्ष से राजनैतिक बदला भंजाने में सरकारी तंत्र का खुला दुरूपयोग हो रहा है।
  • विपक्षी दल के मुखिया के यहां आने-जाने वालों का लेखा-जोखा रखने में पुलिस को रमन ने लगाया है.
  • रमन सिंह, भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच अपनी विश्वसनीयता खो चुके है.
    रमन सरकार का एजेंडा, विकास नहीं भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी और राजनैतिक प्रतिशोध ही रह गया है.
  • सरकारी और पुलिस सूत्रों द्वारा दी गयी इस जानकारी से स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं के घर के पास सीसीटीवी के माध्यम से पुलिस के द्वारा सरकार विपक्ष की जासूसी करवा रही है.
  • विपक्ष के नेताओं के घर आने जाने वालों की जानकारी पुलिस के माध्यम से सरकार द्वारा एकत्रित करना स्पष्ट करता है कि छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र नहीं पुलिसिया राज चल रहा है.
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