अजयारविंद नामदेव, ​शहडोल। शहडोल जिले के अमलाई क्षेत्र में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और अवैध उत्खनन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर परिषद बरगवां-अमलाई के उपाध्यक्ष राज तिवारी पर गंभीर आरोप लगा है। बताया गया कि राज तिवारी के संरक्षण में कोल इंडिया की प्रतिबंधित खदान से ओवरबर्डन (मिट्टी) चोरी कर अमलाई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म निर्माण में खपाई जा रही थी। ​सरकारी मशीनरी का अवैध उपयोग ​इस पूरे खेल में सबसे चौंकाने वाला पहलू नगर परिषद की जेसीबी मशीन का इस्तेमाल है।

जानकारी के अनुसार, परिषद की मशीन बिना किसी आधिकारिक आदेश या सीएमओ की अनुमति के खदान क्षेत्र में मिट्टी खुदाई कर रही थी। मामले को छिपाने के लिए जेसीबी चालक को मरी हुई गाय को दफनाने का झांसा देकर मौके पर बुलाया गया था, लेकिन असल में वहां से ट्रैक्टरों के जरिए रेलवे स्टेशन तक मिट्टी भेजी जा रही थी।

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रेलवे परिसर में डाली जा चुकी है 40 से 50 ट्रैक्टर मिट्टी

स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, पिछले दो दिनों में लगभग 40 से 50 ट्रैक्टर मिट्टी रेलवे परिसर में डाली जा चुकी है। बताया जा रहा है कि अमलाई स्टेशन पर प्लेटफॉर्म निर्माण के लिए करीब 8 से 10 लाख रुपये का मिट्टी भराई का ठेका दिया गया था। रेलवे के इंजीनियरों और ठेकेदार ने भी स्वीकार किया है कि मिट्टी राज तिवारी के माध्यम से ही मंगवाई जा रही थी, हालांकि वे इसके अवैध स्रोत से अनजान थे।

लिखित में शिकायत

​मामला उजागर होने पर कोल इंडिया (सुहागपुर एरिया) के अधिकारियों ने सर्वे दल के साथ मौके का मुआयना किया और पुष्टि की कि उत्खनन उनकी भूमि पर हो रहा था। अमलाई उप क्षेत्रीय प्रबंधक पी. रमन्ना और सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल देवहरा पुलिस चौकी को लिखित शिकायत सौंपी है।

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​प्रशासनिक जांच के घेरे में जनप्रतिनिधि ​एक संपन्न और रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले राज तिवारी पर लगे इन आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। रेलवे के मुख्य अभियंता अरविंद ने स्पष्ट किया है कि यदि मिट्टी चोरी की पाई गई, तो संबंधित निर्माण कंपनी का ठेका निरस्त कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल देवहरा पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से अधिकारी व रसूखदार शामिल हैं।

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