Dharm Desk:- शनिदेव को कर्मफलदाता और न्याय के देवता कहा जाता है। कुंडली में शनि की स्थिति के साथ-साथ उनके राशि और नक्षत्र परिवर्तन को भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि की चाल में बदलाव का असर अलग-अलग राशियों के जातकों के जीवन में दिखाई दे सकता है। अभी शनिदेव मीन राशि में स्थित हैं और वक्री अवस्था में चल रहे हैं। इस समय उनका गोचर रेवती नक्षत्र में है। इसके बाद 9 अक्टूबर को शनि नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। रेवती से निकलकर उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। शनि का यह नक्षत्र उनके अपने नक्षत्रों में से एक माना जाता है।
किन राशियों को सावधान रहना होगा
शनि के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर एक जैसा नहीं रहने वला है। कुछ राशियों के जातकों को इस दौरान काम-काज और पैसों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता रखने की सलाह दी जारही है।

मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी से बचना जरूरी रहेगा। नौकरीपेशा लोगों पर अचानक अतिरिक्त जिम्मेदारियां आ सकती हैं। वहीं, कारोबार करने वाले लोग किसी बड़े निवेश य वित्तीय फैसले से पहले सभी पहलुओं की अच्छी तरह जांच कर लें। धन के लेन-देन में भी सावधानी रखना बेहतर रहेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि के लोगों को खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। परिवार से जुड़ी जरूरतों पर अचानक धन खर्च होने की संभावना रहेगी। नौकरी में काम का दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में काम के साथ आराम और अपनी दिनचर्या का ध्यान भी रखना जरूरी होगा
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों को इस अवधि में धैर्य से काम लेने की जरूरत होगी । कोई पुराना मामला दोबारा सामने आ सकता है या पहले से चल रही उलझन परेशानी खड़ी कर सकती है। कारोबार में नया निवेश करने से पहले योजना, जोखिम और आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी लेना उचित रहेगा।
शनिदेव की कृपा के लिए क्या करें
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि से जुड़े प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए शनिवार का दिन विशेष माना जाता है । इस दिन शनि देव की पूजा करने के साथ जरूरतमंदों की सहायता की जा सकती है। अपने काम में ईमानदारी रखना और मेहनत से पीछे न हटना भी शनि से जुड़े उपायों में महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, श्रद्धानुसार नियमित रूप से हनुमानजी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जाता है।
अगला नक्षत्र परिवर्तन कब होगा
9 अक्टूबर को उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद शनिदेव लंबे समय तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद 8 फरवरी को शनि का अगला नक्षत्र परिवर्तन है।


