Dharm Desk :- नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की अलग-अलग दिन पूजा होती है। पूजा के दौरान माता रानी को उनकी पसंद का खास भोग अर्पित करने से घर में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति का वास होता है।बहुत से लोग हर दिन एक ही प्रकार का प्रसाद चढ़ाते हैं। लेकिन परंपराओं के अनुसार अलग-अलग दिनों के लिए विशिष्ट भोग निर्धारित किए गए हैं। मां दुर्गा के प्रत्येक स्वरूप की अपनी एक विशेष प्रिय वस्तु है।बताशे चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। माता रानी को खुश करना चाहते हैं और उनकी विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो नवदुर्गा के इन नौ दिनों में पसंदीदा भोग जरूर लगाए।

1.प्रतिपदा तिथि देवी शैलपुत्री (11 अक्टूबर)
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। इस दिन माता रानी को शुद्ध घी या फलो का भोग लगाया जाता है। जिससे आरोग्य और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

2.द्वितीया तिथि देवीब्रह्मचारिणी (12 अक्टूबर)
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री या बताशे का भोग अर्पित करना बहुत शुभ होता है।

3.तृतीया तिथि देवीचंद्रघंटा (13 अक्टूबर)
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की होती है। इन्हें दूध या दूध से बनी खीर का भोग लगाने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होते हैं।

4.चतुर्थी तिथि देवी कूष्मांडा (14 अक्टूबर)
नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की उपासना की जाती है और उन्हें हलवे का भोग चढ़ाया जाता है।

5.पंचमी तिथि देवी स्कंदमाता (15 अक्टूबर)
पांचवें दिन मां स्कंदमाता को केला अर्पित करने से उत्तम स्वास्थ्य और बुद्धि का वरदान मिलता है।

6.षष्ठी तिथि देवी कात्यायनी (16 अक्टूबर)
छठे दिन मां कात्यायनी को शहद व पूड़ी-चना का भोग लगाया जाता है। जिससे आकर्षण और सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है।

7.सप्तमी तिथि देवीकालरात्रि (17 अक्टूबर)
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा में गुड़ का भोग लगाना शुभ माना जाता है जो संकट में हमारी रक्षा करता है।

8.अष्टमी तिथि देवी महागौरी (18 अक्टूबर)
आठवें दिन यानी महाअष्टमी को मां महागौरी को नारियल का भोग अर्पित किया जाता है।

9.नवमी तिथि देवी सिद्धिदात्री (19 अक्टूबर)
नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री को सूखे मेवे और पूरी का महाभोग लगाया जाता है जिससे सभी कार्य सिद्ध होते हैं।