Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर (रविवार) से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्र को लेकर मंदिरों में विशेष साज-सज्जा के साथ तैयारियां की गई है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की क्रमशः पूजा अर्चना होगी। इसका समापन 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को विजयादशमी (दशहरा) के साथ होगा। आइए शारदीय नवरात्रि के इस अवसर पर हम आपको मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के बारे में बताएंगे।
मां विजयासन धाम
शारदीय नवरात्रि पर मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विजयासन धाम सलकनपुर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। विंध्याचल पर्वत श्रृंखला पर 1000 फीट की ऊंचाई पर स्थित माता के दरबार में देशभर से लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते है। कई श्रद्धालु 200 से 300 किलोमीटर तक की पदयात्रा कर मंदिर पहुंच रहे हैं। पहाड़ी पर विराजमान मां विजयासन के दरबार में चारों ओर भक्ति और जयकारों का माहौल है। वहीं मंदिर प्रबंधन और शासन-प्रशासन की व्यवस्थाएं भी सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।

200 से 300 किलोमीटर पदयात्रा कर पहुंचते है श्रद्धालु
शारदीय नवरात्रि के साथ ही सलकनपुर स्थित मां विजयासन धाम में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। नवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते है। कोई परिवार के साथ मां का आशीर्वाद लेने तो कोई अपनी मनोकामना लेकर दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचता है। माता के जयकारों और पूजा-अर्चना के बीच पूरा धाम भक्तिरस में डूबा नजर आ रहा है। नवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु दर्शन करते है।
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मां विजयासन के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था ऐसी है कि भक्त सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल सफर तय कर सलकनपुर पहुंचते है। कई श्रद्धालु 200 से 300 किलोमीटर तक की पदयात्रा कर माता के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। लंबी यात्रा के दौरान माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल एक सफर नहीं, बल्कि मां के प्रति उनकी श्रद्धा, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है।
नवरात्रि पर दर्शन करने का विशेष महत्व
प्राकृतिक सुंदरता से घिरी पहाड़ी पर स्थित मां विजयासन का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मां विजयासन को शक्ति, साहस, विजय और कल्याण की प्रतीक देवी के रूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां दर्शन करने का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त माता के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं।

बुजुर्गों के लिए खास व्यवस्था
भक्तगण मां विजयासन धाम जाने के लिए लगभग 1400 सीढ़ियां चढ़कर माता के दरबार तक पहुंचते हैं। वहीं सड़क मार्ग और रोपवे के जरिए भी मंदिर तक पहुंचकर दर्शन कर सकते है। रोपवे की सुविधा बुजुर्गों और सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए भी उपयोगी है।
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और शासन-प्रशासन की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। दर्शन व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से माता के दर्शन कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। नवरात्रि के आगामी दिनों में भक्तों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, नवरात्रि पर मां विजयासन धाम सलकनपुर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर पहुंच रहे श्रद्धालु मां के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट कर रहे हैं। माता के जयकारों से गूंजता सलकनपुर धाम नवरात्रि के रंग में रंगा हुआ है।

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