Business Desk- Share Market Crash : भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली हुई। सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा गिरकर 73,000 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 250 अंक से ज्यादा टूटकर 22,900 के नीचे फिसल गया। इस गिरावट से BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 6 लाख करोड़ रुपए घटकर 476 लाख करोड़ रुपए रह गया।

बाजार पर ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल, रुपए की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का एक साथ असर पड़ा। निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट से दूरी बनाई।
ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिवसीय युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल के सामने पीछे नहीं हटने की बात कही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है। यहां तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी की आशंका है। भारत अपनी जरूरत के बड़े हिस्से के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है, इसलिए महंगा तेल आयात बिल और कंपनियों की लागत बढ़ा सकता है।
US Bond Yield 5.2% के पार
बेंचमार्क 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.2% से ऊपर पहुंच गई। इसे 2004 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया गया है। 30 साल की यील्ड 5.5% से ऊपर और 2 साल की यील्ड 4.9% से ऊपर रही।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सुरक्षित माने जाने वाले सरकारी बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है। ऐसे में शेयर जैसे जोखिम वाले निवेश पर दबाव आ सकता है। विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी बॉन्ड आकर्षक होने से उभरते बाजारों से पूंजी निकलने का दबाव भी बढ़ सकता है।
रुपया 14 पैसे कमजोर
शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे कमजोर होकर 95.89 पर आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती ने रुपए पर दबाव बढ़ाया।
रुपए में कमजोरी से ज्यादा आयात खर्च वाली कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। वहीं विदेशी निवेशकों के लिए रुपए में गिरावट निवेश रिटर्न को प्रभावित कर सकती है।
FII की बिकवाली जारी
NSE के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 3,694 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, जुलाई-अगस्त में सकारात्मक निवेश के बाद सितंबर की शुरुआत से विदेशी निवेश कमजोर हुआ है। उनके मुताबिक, सितंबर में अब तक शेयरों से 25,682 करोड़ रुपए की निकासी हो चुकी है।
सभी 30 Sensex शेयर लाल निशान में
सोमवार को सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में गिरावट रही। बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और HDFC बैंक करीब 2% टूटे। बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर, BEL, M&M, L&T, Eternal, ICICI बैंक और Titan में भी 1% से ज्यादा की गिरावट रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 में 1% से ज्यादा गिरावट आई। India VIX करीब 13% बढ़कर 14 के आसपास पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।
सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में गिरावट
निफ्टी ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG, PSU बैंक, मेटल, प्राइवेट बैंक और रियल्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट रही।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। NSE पर 759 शेयर बढ़त में और 2,259 शेयर गिरावट में रहे, जबकि 116 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यानी बिकवाली का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा।
कुल मिलाकर, भू-राजनीतिक तनाव, महंगा कच्चा तेल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपए की कमजोरी और FII की बिकवाली ने सोमवार को बाजार पर दबाव बनाया। इसका असर सेंसेक्स-निफ्टी के साथ मिडकैप, स्मॉलकैप और लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में दिखाई दिया।


