Share Market Update : कैपिटल मार्केट कंपनियों के शेयर में आज 16 फरवरी को भारी गिरावट देखी गई. BSE लिमिटेड, एंजेल वन लिमिटेड और ग्रो (बिलियनब्रेन गैराज वेंचर्स) समेत कई कैपिटल मार्केट कंपनियों के शेयर 10% तक गिर गए. यह गिरावट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के एक नए रेगुलेशन जारी करने के बाद आई. RBI ने स्टॉक मार्केट एक्सपोजर को लेकर बैंकों के लिए रेगुलेशन और कड़े कर दिए हैं.

नए रेगुलेशन क्या हैं?

RBI ने कमर्शियल बैंक क्रेडिट फैसिलिटीज अमेंडमेंट डायरेक्शन्स, 2026 जारी किए. ये नए रेगुलेशन 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे. इन रेगुलेशन के तहत, बैंक अब स्टॉकब्रोकर और दूसरे इंटरमीडियरीज को सिर्फ पूरी तरह से सिक्योर्ड बेसिस पर ही लोन दे पाएंगे. सिर्फ पार्शियल गारंटी या प्रमोटर गारंटी अब काफी नहीं होंगी, जैसा कि पहले होता था. अगर बैंक किसी एक्सचेंज या क्लियरिंग हाउस के पक्ष में बैंक गारंटी जारी करते हैं, तो उन्हें कम से कम 50% कोलैटरल से सिक्योर्ड होना चाहिए. इसमें से 25% कैश में होना चाहिए. अगर इक्विटी शेयर कोलेटरल के तौर पर लिए जाते हैं, तो उनकी वैल्यू में कम से कम 40% हेयरकट लगेगा.

प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग पर रोक

RBI ने यह भी साफ़ किया है कि बैंक अब ब्रोकर्स की प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग को फंड नहीं कर सकते. हालांकि, मार्केट मेकिंग और डेट सिक्योरिटीज के शॉर्ट-टर्म वेयरहाउसिंग के लिए फंडिंग जारी रह सकती है. मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) के तहत क्लाइंट्स को लोन जारी रह सकते हैं, लेकिन बैंकों को मार्जिन कॉल क्लॉज़ शामिल करने और कोलेटरल को लगातार मॉनिटर करने की जरूरत होगी. ये सभी लोन अब बैंकों की कैपिटल मार्केट एक्सपोज़र लिमिट में गिने जाएंगे. इससे सेक्टर के लिए उपलब्ध ओवरऑल फंडिंग पर असर पड़ सकता है.

इन्वेस्टर्स क्यों परेशान हैं?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि इन रेगुलेशन से ब्रोकर्स की फंडिंग कॉस्ट बढ़ सकती है और उनके लिए बैंकों से लोन लेना मुश्किल हो सकता है. ब्रोकरेज फर्म सिटी के मुताबिक इन रेगुलेशन से कुछ सेगमेंट में ट्रेडिंग एक्टिविटी धीमी हो सकती है. हालांकि, कंपनी के प्रॉफिट पर इसका पूरा असर क्या होगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी.

जेएम फाइनेंशियल ने कहा कि इससे बैंक फंडिंग की अवेलेबिलिटी कम हो सकती है और ब्रोकर्स के लिए ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ सकती है. ब्रोकरेज ने कहा कि एंजेल वन को लिस्टेड कंपनियों के बीच अपने मार्जिन ट्रेडिंग पोर्टफोलियो के लिए अपनी फंडिंग स्ट्रैटेजी पर फिर से सोचना पड़ सकता है. ग्रो की MTF बुक तेजी से बढ़ रही है, जिससे कंपनी एक्सपेंशन के लिए कैपिटल मार्केट से फंड जुटा सकती है.