कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधान परिषद की सदस्य (MLC) और माले नेत्री शशि यादव ने राज्य की कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर सरकार और विपक्षी दलों को जमकर घेरा है। सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में दलितों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
दलित महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता
शशि यादव ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें इधर-उधर की बातें छोड़कर दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि बिहार में दलित महिलाओं के साथ बलात्कार और दुष्कर्म की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। यादव ने कहा, रामविलास को लेकर सदन में किसने क्या कहा, यह अलग विषय है, लेकिन लोजपा (आर) के नेताओं को दलितों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
भूमिहीन सवर्णों और सामाजिक सद्भाव पर रुख
भूमि सुधार के मुद्दे पर शशि यादव ने एक समावेशी नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल जाति के आधार पर नहीं, बल्कि जरूरत के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। यदि सवर्ण समाज के लोग भी भूमिहीन हैं, तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें भी जमीन मुहैया कराई जाए। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कुछ सवर्ण नेता देश में जिस तरह का विभाजनकारी माहौल बना रहे हैं, वह समाज और लोकतंत्र के लिए पूरी तरह गलत है। उन्होंने सामाजिक समरसता बनाए रखने पर जोर दिया।
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