पटना। शत्रुघ्न सिन्हा के तीखे तेवर हमेशा से सुर्खियों में रहते हैं। पटना पहुंचे टीएमसी सांसद ने एक बार फिर अपनी खामोश शैली में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है।

बंगाल में लोकतंत्र पर खतरा

​शत्रुघ्न सिन्हा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में SAR के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे अपारदर्शी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि यह आम नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। सिन्हा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संघर्ष का समर्थन करते हुए कहा कि वह सड़क से अदालत तक जनता के हक की लड़ाई लड़ रही हैं।

​दो नावों की सवारी बंद करे भारत

​ईरान-अमेरिका तनाव पर बोलते हुए सिन्हा ने प्रधानमंत्री को नसीहत दी कि उन्हें केवल शांति की अपील करने के बजाय स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने तंज कसा कि पीएम मोदी को दो नावों की सवारी नहीं करनी चाहिए। सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भाषा बोल रहे हैं, जबकि भारत को एक स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति अपनानी चाहिए।

​अमेरिका का दबाव और महंगाई की मार

​सांसद ने केंद्र सरकार पर अमेरिका के इशारों पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेल खरीद को लेकर अमेरिका के निर्देशों का पालन करना देश के संप्रभुत्व के खिलाफ है। सिन्हा ने चेतावनी दी कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की स्थिति बनी, तो तेल की कीमतें आसमान छूएंगी, जिससे परिवहन और खाद्य पदार्थों की महंगाई आम जनता की कमर तोड़ देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान भारत का पुराना मित्र है और संकट के समय भारत को मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए।