कुमार इंदर, नई दिल्ली/जबलपुर। केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा सांसद वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने उनके खिलाफ चल रहे 10 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे को वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में आपसी समझौते के बाद यह मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है।

READ MORE: ‘ब्राह्मण सबकी नजर में खटक रहे हैं…’, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का बड़ा बयान, कहा- ‘राजनीतिक दल और संगठन का एक ही लक्ष्य- ब्राह्मणों को मारो या दबाओ’

सुप्रीम कोर्ट की पीठ (जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दर्ज की और याचिका को डिस्पोज कर दिया। विवेक तंखा ने संसद में शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद सिविल और क्रिमिनल दोनों मानहानि केस वापस लेने का फैसला किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच हुए सौहार्दपूर्ण समझौते को मान्यता दी।

READ MORE: बड़ी खबरः MP कांग्रेस की मीडिया कमेटी भंग, सभी प्रवक्ताओं को किया गया कार्यमुक्त

यह विवाद 2021 के मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों से जुड़ा था। विवेक तंखा ने आरोप लगाया था कि शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह ने मीडिया और सार्वजनिक बयानों में उन्हें ओबीसी आरक्षण रोकने वाला बताया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। तंखा ने जबलपुर की विशेष अदालत में आपराधिक मानहानि (IPC धारा 500) का केस दायर किया था और 10 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा था। बीजेपी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केस रद्द करने की मांग की थी। पहले सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी बातचीत से सुलझाने की सलाह दी थी। अब समझौते के बाद सभी कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई है। 

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m