कुंदन कुमार/पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनकी कुर्सी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इसी बीच, बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले श्रवण कुमार ने विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तेजस्वी की समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जमीनी हकीकत और संवैधानिक नियमों का ज्ञान नहीं है।
चाचा से पूछ क्यों नहीं लेते तेजस्वी?
श्रवण कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव हमेशा अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं। उन्होंने कहा, अगर तेजस्वी को मुख्यमंत्री जी के इस्तीफे की इतनी ही चिंता सता रही है, तो वे सीधे उनसे बात क्यों नहीं कर लेते? आखिरकार दोनों के बीच ‘चाचा-भतीजा’ का रिश्ता है, वे फोन उठाकर पूछ सकते हैं।
संवैधानिक मर्यादा और 6 महीने का नियम
मंत्री ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार हमेशा कानून और नियमों के दायरे में रहकर काम करते हैं। तेजस्वी के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने संवैधानिक व्यवस्था का हवाला दिया। श्रवण कुमार ने कहा कि नियम के अनुसार, मुख्यमंत्री किसी भी सदन (विधानसभा या विधान परिषद) का सदस्य न रहते हुए भी 6 महीने तक अपने पद पर बने रह सकते हैं। यह एक संवैधानिक प्रावधान है जिसे चुनौती नहीं दी जा सकती।
भविष्य के सवाल पर साधी चुप्पी
हालांकि, जब पत्रकारों ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या नीतीश कुमार अगले छह महीनों तक मुख्यमंत्री के पद पर बने रहेंगे, तो श्रवण कुमार ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने इस सवाल को टालते हुए अपनी बात को तेजस्वी की ‘अज्ञानता’ तक ही सीमित रखा। इस चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है कि क्या पर्दे के पीछे कोई नई रणनीति तैयार हो रही है।
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