पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। रावलाकोट में जारी विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई के खिलाफ अब राजधानी मुजफ्फराबाद में भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इस दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। कई इलाकों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
मुजफ्फराबाद में प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
रावलाकोट में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने मुंह पर कपड़ा बांधकर सड़कों पर उतरते हुए सेना के खिलाफ नारेबाजी की। हालात पर काबू पाने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और PoK पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और गोलीबारी की।
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने अपर प्लेट और चेला बंदी इलाकों में टायर जलाकर विरोध जताया। तनाव को देखते हुए मुजफ्फराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बाजार बंद हैं और सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
रावलाकोट में 150 दिनों से जारी है आंदोलन
रावलाकोट में पिछले करीब 150 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन स्थलों को खाली कराने के लिए गुरुवार को पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) ने ऑपरेशन शुरू किया था। कार्रवाई के दौरान रावलाकोट बस टर्मिनल स्थित एक धरना स्थल पर सुरक्षाबलों ने कब्जा कर लिया, जबकि उमर फारूक चौक पर लगातार तनाव बना हुआ है।
गोलीबारी और ड्रोन हमलों में 9 लोगों की मौत का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से जारी कार्रवाई में गोलीबारी, ड्रोन हमलों और RPG-7 रॉकेट के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आई हैं। इन हमलों में अब तक 9 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। इसके बावजूद 20 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों के धरना स्थलों पर डटे होने की बात कही जा रही है। रावलाकोट से शुरू हुआ आंदोलन अब मुजफ्फराबाद तक पहुंच चुका है। ऐसे में PoK में बढ़ता तनाव पाकिस्तान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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