सीवान। बड़हरिया थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में दशहरा मेले के दौरान नाटक मंचन के समय अचानक आग लग गई। इस दुर्घटना में 12 लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। घायलों में एक छह साल के बच्चे समेत चार की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।
राजा हरिश्चंद्र नाटक के दौरान हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना रात करीब साढ़े 10 बजे की है। दुर्गा प्रतिमा के पास बनाए गए मंच पर गांव के बच्चे राजा हरिश्चंद्र की जीवनी पर आधारित नाटक के मंचन की तैयारी कर रहे थे। मंच पर चिता से जुड़ा एक सीन फिल्माया जाना था, जिसके लिए पेट्रोल से भरे मिट्टी के बर्तन रखे गए थे। इसी दौरान अचानक पेट्रोल में आग भड़क उठी।
चूंकि मंच पर पर्दा लगा हुआ था, इसलिए सामने दर्शक गैलरी में बैठे लोगों को बैकस्टेज हो रहे इस हादसे की भनक तक नहीं लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और टेंट के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई। इस बीच, जलता हुआ पर्दा सीधा नीचे बैठे छह साल के मासूम पवन कुमार के शरीर पर आ गया, जिसके बाद दर्शकों को हादसे की जानकारी मिली और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
पुलिस प्रशासन की बड़ी चूक और बिना अनुमति का आयोजन
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने और घायलों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन पेट्रोल में आग लगने के कारण और मौके पर अग्निशमन उपकरणों के अभाव में आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो गया। सीवान के एसपी भरत सोनी ने जानकारी दी कि बच्चों ने पॉलिस्टर के कपड़े पहन रखे थे, जिस वजह से वे आग की चपेट में आने से ज्यादा झुलस गए। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस नाटक के आयोजन के लिए पूजा समिति द्वारा कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
घायलों की सूची और प्रशासनिक कार्रवाई
इस हादसे में झुलसे लोगों में अनिकेत कुमार (पिता मुन्ना सिंह), राहुल कुमार (पिता उमेश प्रसाद), सूरज कुमार (पिता दिलीप साह), राहुल कुमार (पिता गणेश साह), बिट्टू कुमार (पिता माया साह), अमित कुमार (पिता हरदिया मांझी), विकेश कुमार (पिता सुदर्शन साह) और मामा के यहां रसूलपुर आया छह साल का पवन कुमार शामिल हैं।
सभी घायलों को पहले बड़हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। गंभीर रूप से झुलसे 5 लोगों को पटना भेज दिया गया है। जिला प्रशासन के सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों के दावों के बीच इस तरह की लापरवाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एसडीओ सदर-1 प्रांजल के नेतृत्व में एक जांच टीम का गठन कर दिया गया है और मौके पर एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है ताकि लापरवाही के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

