सीवान। जिले में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भयानक विस्फोट में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार की बहु और दो अन्य पोतियां गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव की है, जहां घनी आबादी के बीच स्थित दो मंजिला पक्के मकान में बारूद का भारी स्टॉक रखा हुआ था। धमाका इतना तेज था कि पूरा मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
300 मीटर दूर तक फैले शवों के चीथड़े
धमाके के बाद लगभग डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर विस्फोट होते रहे। हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शरीर के चीथड़े 200 से 300 मीटर दूर जाकर गिरे। मृतकों में फैक्ट्री मालिक अमरुद्दीन मियां (65), उनकी पोतियां मुस्कान सिद्दीकी (23) व खुशबू सिद्दीकी (13), नाती अरसद सिद्दीकी (8) और मजदूर राज कुमार सिंह उर्फ भोला (35) शामिल हैं।
रात में रोकना पड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियों ने करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रात 12 बजे अंधेरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा था, जिसे सुबह फिर से शुरू किया गया। मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बम निरोधक दस्ता, SDRF, डॉग स्क्वायड और FSL की टीमें मौके पर जांच और राहत कार्य में जुटी हैं।
थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित, SIT गठित
लापरवाही के आरोप में एसपी भारत सोनी ने जामो थानाध्यक्ष धीरज कुमार और स्थानीय चौकीदार द्वारिका मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की गहराई से जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है।
9 महीने पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा
सीवान में घनी आबादी के बीच अवैध रूप से बारूद का कारोबार नया नहीं है। इससे पहले 22 जनवरी 2026 को हुसैनगंज के बडरम गांव में भी पटाखा फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट हुआ था, जिसमें मुर्तुजा मंसूरी नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी।

