Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले गिरोह के खिलाफ SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने अब तक की सबसे बड़ी तकनीकी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरिष्ठ अध्यापक (सेकंड ग्रेड) भर्ती परीक्षा-2022 में मूल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले तीन MBBS छात्रों और दो सरकारी शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

तकनीक से बेनकाब हुए डमी चेहरे

SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि डमी परीक्षार्थियों की पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके लिए करीब 40 लाख अभ्यर्थियों के डेटाबेस और फोटोग्राफ का विश्लेषण किया गया। ‘वन-टाइम रजिस्ट्रेशन’ डेटाबेस के समानांतर एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर संदिग्ध तस्वीरों का मिलान किया गया, जिसके बाद इन चेहरों से नकाब उतरा।

कहां से हुई गिरफ्तारियां?

SOG की टीमों ने अंडमान (पोर्ट ब्लेयर), कोलकाता, जालोर, कोटा और जयपुर में एक साथ दबिश देकर इन आरोपियों को पकड़ा

  • सही राम (MBBS 4th Year): सांचौर के दिनेश कुमार की जगह परीक्षा दी, पोर्ट ब्लेयर से गिरफ्तार।
  • महिपाल बिश्नोई (MBBS 4th Year): कोटा से गिरफ्तार, सूरतराम मीणा की जगह डमी बना।
  • महेश कुमार बिश्नोई (MBBS छात्र): जयपुर से गिरफ्तार, दिनेश कुमार गोदारा की जगह परीक्षा दी।
  • हनुमाना राम (सरकारी शिक्षक): अशोक बिश्नोई की जगह डमी कैंडिडेट बना।
  • निवास कुराडा (सरकारी शिक्षक): मनोहर सिंह बिश्नोई की जगह परीक्षा दी।

लाखों में हुआ था सौदा

पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने डमी कैंडिडेट बनने के लिए 3 से 5 लाख रुपये तक वसूले थे। इनमें से कुछ मूल अभ्यर्थी तो वर्तमान में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर चयनित होकर नौकरी भी कर रहे थे। SOG अब गिरफ्तार आरोपियों की वर्तमान नियुक्ति और उनकी शैक्षणिक डिग्रियों के सत्यापन की जांच करेगी। कोलकाता में एक अन्य संदिग्ध MBBS छात्र की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है जिसने जालोर के अभ्यर्थी की जगह उदयपुर में परीक्षा दी थी।

यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। अब तक इस मामले में 26 आरोपियों (12 मूल अभ्यर्थी, 9 डमी कैंडिडेट और 5 मध्यस्थ) को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य संदिग्धों की पहचान कर जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
विशाल बंसल, एडीजी (SOG)

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