सोनभद्र. दुनिया 5G के बाद 6G तकनीक की ओर बढ़ रही है, लेकिन सोनभद्र के जुगैल में हजारों लोग आज भी मोबाइल नेटवर्क के लिए परेशान हैं. चोपन ब्लॉक की जुगैल ग्राम पंचायत में करीब 65 से 70 हजार की आबादी रहती है. यह पंचायत 75 टोलों में फैली है. नेटवर्क नहीं होने से पढ़ाई, इलाज और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में लोगों को परेशानी होती है. ग्रामीणों को मोबाइल सिग्नल पाने के लिए पहाड़ियों और ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है.
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कंप्यूटर हैं, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई मुश्किल
जुगैल के कई स्कूलों में कंप्यूटर हैं, लेकिन नेटवर्क की कमी के कारण उनका पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता. छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई और परीक्षा से जुड़ी जानकारी पाने में दिक्कत होती है. ग्रामीणों का कहना है कि शहरों के बच्चे इंटरनेट से पढ़ाई करते हैं, जबकि यहां विद्यार्थियों को सिग्नल तलाशने के लिए ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है. समय पर सूचना नहीं मिलने से परीक्षा छूटने का खतरा भी बना रहता है.
एंबुलेंस और पुलिस से संपर्क करना चुनौती
ग्रामीणों के मुताबिक, नेटवर्क नहीं होने से आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस और डायल 112 पुलिस सेवा से संपर्क करना मुश्किल होता है. ग्राम प्रधान सुनीता यादव के पति दिनेश कुमार यादव ने दावा किया कि नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी और एक ग्राम पंचायत सदस्य की मौत हो गई. उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुगैल में एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है.
राशन और सरकारी योजनाओं पर भी असर
नेटवर्क की कमी से राशन की ई-पॉस मशीन, आधार कार्ड, मनरेगा, आयुष्मान कार्ड और पेंशन से जुड़े काम प्रभावित होते हैं. दिनेश कुमार यादव के अनुसार, ग्रामीणों ने 2024 में नेटवर्क की मांग को लेकर धरना दिया था और चुनाव बहिष्कार भी किया था. बीएसएनएल का टावर होने के बावजूद इंटरनेट की समस्या बनी हुई है.
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तीन नए टावर लगाने की तैयारी
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जुगैल में पहले से दो बीएसएनएल टावर हैं. अब तीन नए टावर लगाने की प्रक्रिया चल रही है. जिले में नेटवर्क सुधार के लिए 28 स्थान चिह्नित किए गए हैं. ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए टावर लगने से संचार व्यवस्था बेहतर होगी और उन्हें डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा.

