Business Desk- Share Market Crash : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 22,600 के नीचे आ गया।

बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप शुरुआती कारोबार में करीब 5 लाख करोड़ रुपए घट गया। यानी निवेशकों की संपत्ति में करीब 5 लाख करोड़ रुपए की कमी आई।
सेंसेक्स 616 अंक नीचे, निफ्टी भी लाल
सुबह 9:36 बजे सेंसेक्स 616.14 प्वाइंट्स यानी 0.85% की गिरावट के साथ 72,155.58 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 में 184.80 प्वाइंट्स यानी 0.81% की गिरावट थी और यह 22,595.45 के स्तर पर था।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 707.72 प्वाइंट्स टूटकर 72,064.00 तक पहुंच गया था। निफ्टी भी 210.60 प्वाइंट्स गिरकर 22,569.65 के स्तर तक आ गया।
ब्रोडर मार्केट में भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
कच्चे तेल में उछाल से बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिलहाल 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय बाजार के लिए चिंता बढ़ाती है, क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5% के पार
अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड की यील्ड भी उछलकर 5% के पार बनी हुई है। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर इक्विटी बाजार पर दबाव के रूप में दिख रहा है। ऊंची यील्ड के माहौल में निवेशकों का रुझान जोखिम वाली संपत्तियों से प्रभावित होता है।
FIIs की लगातार तीसरे दिन बिकवाली
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। 28 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन नेट बिकवाली की।
सोमवार को FIIs ने 5,353.22 करोड़ रुपए की नेट बिकवाली की। इससे पहले 25 सितंबर को उन्होंने 3,693.93 करोड़ रुपए और 24 सितंबर को 5,027.36 करोड़ रुपए के शेयरों की नेट बिक्री की थी।
फार्मा को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर लाल
शुरुआती कारोबार में फार्मा को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल निफ्टी इंडेक्स लाल निशान में हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी सेक्टर में 1% से ज्यादा की गिरावट नहीं दिख रही है। बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
आज एक्सपायरी भी बाजार के लिए अहम
बाजार में आज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी भी है। निफ्टी और बैंक निफ्टी समेत NSE के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की सितंबर महीने की एक्सपायरी है। इसके साथ ही NSE पर स्टॉक्स के F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की भी मंथली एक्सपायरी है।
एक्सपायरी का मतलब है कि ट्रेडर्स को सितंबर महीने के लिए अपनी डेरिवेटिव पोजिशन आज खत्म या रोलओवर करनी होगी। ऐसे में पहले से दबाव में चल रहे बाजार में एक्सपायरी के कारण भी उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।


