Business Desk- Share Market Crash Today : एशियाई बाजारों में बिकवाली का असर आज घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट आ गई। सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 23,200 के करीब पहुंच गया।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव रहा। बाजार खुलते ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया। यानी शुरुआती कारोबार में निवेशकों की दौलत में 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की कमी आई।

Sensex 700 अंक से ज्यादा टूटा

सुबह 9:55 बजे सेंसेक्स 701.31 अंक यानी 0.94% गिरकर 74,126.94 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 में 233.95 अंक यानी 1% की गिरावट थी और यह 23,212.85 के स्तर पर था।

इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 707.63 अंक टूटकर 74,120.62 और निफ्टी 241.35 अंक गिरकर 23,205.45 तक पहुंच गया था।

Midcap और Smallcap शेयर भी दबाव में

ब्रॉडर मार्केट में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% से ज्यादा की गिरावट रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से ज्यादा की कमजोरी देखी गई। यानी बड़ी कंपनियों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे।

Share Market Crash की क्या है वजह?

अमेरिका में सितंबर के दौरान नए ऑर्डर बढ़ने से बिजनेस एक्टिविटी पांच साल से ज्यादा समय के सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गई। इसके बाद अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी यील्ड में तेजी आई और यह 2007 के बाद के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

इससे बाजार में अमेरिका में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ीं। ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों के सेंटीमेंट पर पड़ा और एशियाई बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर बाजार की चिंता बढ़ा सकती हैं।

Sensex की Monthly Expiry का भी असर

आज BSE Sensex, Bankex समेत अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है। एक्सपायरी के दिन ट्रेडर्स को अपनी डेरिवेटिव पोजिशन बंद करनी या नए कॉन्ट्रैक्ट में रोलओवर करनी होती है। ऐसे में बाजार में सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Banking Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव

आज बैंकिंग शेयरों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा कमजोर रहा। वहीं निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में भी करीब 1% की गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का असर प्रमुख इंडेक्स पर भी पड़ा।

Technical Outlook: अब आगे क्या?

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, पिछले कारोबारी दिन पूरे सत्र में सकारात्मक माहौल रहा था और इससे 23,760 या उससे ऊपर जाने की उम्मीद बनी थी। हालांकि, 23,490 का स्तर बढ़त में बाधा बना।

उनके मुताबिक, अगर बाजार 23,490 के ऊपर टिक नहीं पाता है या 23,260 के नीचे फिसलता है तो 22,600 से 21,800 तक गिरावट की आशंका बढ़ सकती है। ये स्तर उनके तकनीकी विश्लेषण पर आधारित हैं।