रायपुर/बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीते कई दिनों से छात्र परिषद चुनाव को लेकर बवाल मचा हुआ है. चुनाव प्रचार के दौरान छात्रों के बीच खूनी संघर्ष देखने को मिल रहा है. विश्वविद्यालय में लगातार छात्र संगठनों के गुट आपस भिड़ रहे हैं. आरोप है कि बाहरी नेता विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति के महौल को खराब कर रहे हैं. विश्वविद्यालय से एक वीडियो वायरल हो रहा है इसमें एबीवीपी के कार्यकर्ता कुछ छात्रों को मारते हुए नज़र आ रहे हैं.

दरअसल विवि में ब्रदर्सहुड पैनल और संघर्ष पैनल के बीच ये चुनावी जंग है. इसमें ब्रदर्स पैनल जो है वह बीजेपी नेता सुशांत शुक्ला का पैनल माना जाता है. अभी तक विश्वविद्यालय में इस पैनल का ही कब्जा रहा है. वहीं अब इस पैनल के सामने ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने संघर्ष पैनल खड़ा कर दिया है. लिहाजा दोनों पैनल विश्वविद्यालय में आमने-सामने हो गए हैं.


एबीवीपी के छात्र नेताओं ने की मारपीट

छात्र सचिन गुप्ता का आरोप है कि उनके साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर मारपीट की है. वे यूटीडी में जब अपने साथी छात्रों के साथ चुनाव पर चर्चा कर रहे थे इसी दौरान एबीवीपी के छात्र नेता वहाँ पहुँचे और उनके साथ मारपीट करने लगे. सचिन का कहना है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें धमकाया कि वे ज्यादा राजनीति न करे. उन्होंने इस मामले की शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन से की. लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने बाहरी छात्रों के विश्वविद्यालय में पहुँचकर राजनीति करने वालों पर सवाल उठाया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने खुद थाने जाकर मारपीट करने वालों खिलाफ एफआईआर कराई है. इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन सवालों के घेरे में हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन एबीवीपी के कार्यकर्ता कैंपस में आने दे रहा है. यही वजह है कि बीजेपी नेता ओपी चौधरी तक यहाँ चुनाव प्रचार करने के लिए आए थे. कुलपति प्रो.अंजिला गुप्ता से मेरे परिवार वालों ने मुलाकात कर शिकायत की है, लेकिन कुलपति भी न्याय नहीं कर रही हैं.

सुशांत शुक्ला विवि को बपौती समझते हैं 

वहीं एबीवीपी नेता सन्नी केशरी छात्रों के बीच संघर्ष को स्वीकार तो करते हैं, लेकिन कहते हैं कि मारपीट की शुरुआत सुशांत शुक्ला गुट की ओर से पहले की गई थी. उनके छात्र नेता मोरध्वज पैकरा के साथ सबसे पहले मारपीट हुई थी. सुशांत शुक्ला गुट नहीं चाहता कि यहाँ कोई और चुनाव लड़े. इसलिए वे विश्वविद्यालय में दहशत फैलाकर रखना चाहते हैं. हमने भी थाने में मारपीट की शिकायत की है. चुनाव लड़ने का सभी को अधिकार है. लेकिन कुछ लोग विश्वविद्यालय को अपनी बपौती बनाकर रखना चाहते हैं.

कुलपति दे रही हैं एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को सरंक्षण
वहीं भाजपा नेता सुशांत शुक्ला का कहना है कि एबीवीपी नेता सन्नी केशरी की ओर से जो भी बातें कही जा रही है सब झूठी है. पहली बात तो ये है कि सन्नी केशरी कभी गुरु घासीदास का छात्र नहीं रहा है. लेकिन मैं वहाँ का छात्र रहा हूँ और अध्यक्ष भी रहा है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्र परिषद है यूनियन नहीं. वहाँ पर किसी राजनीतिक दल का कोई संगठन आकर काम नहीं कर सकता है. लेकिन एबीवीपी के लोग कर रहे हैं क्योंकि उन्हें कुलपति का संरक्षण है. कुलपति नहीं चाहती कि विवि में छत्तीसगढ़िया नेताओं का कब्जा रहा है. वह अपने भ्रष्टाचार और काले कारनामों को छिपाने के लिए एबीवीपी के छात्र नेताओं का सहारा ले रही है. विवि में हुए भ्रष्टाचार, फर्जी तरीके से नियुक्ति के खिलाफ चूंकि हमने मोर्चा खोल के रखा है इसलिए कुलपति के संरक्षण में विवि के चुनावी महौल को बाहरी नेताओं के जरिए खराब किया जा रहा है. जहाँ तक बात मेरे बीजेपी में प्रभाव का है तो मैं एक राष्ट्रीय स्तर का पदाधिकारी हूँ. सन्नी केशरी है कौन ? बिलासपुर में दो परिवार तक ही एबीवीपी संगठन है एक केशरी और दूसरा तिवारी. मेरे खिलाफ कुलपति एसपी और आईजी का सहारा लेकर झूठी एफआईआर करवाती है. मैं तो कहता हूँ कि अगर मैं गलत हूँ तो गिरफ्तार कर ले पुलिस. एक बात साफ है कि जब सेंट्रल यूनिवर्सिटी बना है तब से ही वहाँ ब्रदर्सहुड पैनल का कब्जा रहा है और इस बार भी यही पैलन जीतेगा. फिर चाहे मारपीट करे, झूठी रिपोर्ट लिखाएं या कुलपति दवाब बनाएं हम डरने वाले नहीं है.

देखिए वीडियो
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