गलगोटिया यूनिवर्सिटी के फाउंडर सुनील गलगोटिया ने एक फैमिली बुक बिजनेस को एक जाने-माने एजुकेशनल ग्रुप में बदल दिया. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने गलगोटिया पब्लिकेशन्स शुरू किया और फिर GIMT और बाद में ग्रेटर नोएडा में गलगोटिया यूनिवर्सिटी शुरू की और 3000 करोड़ रुपए का कारोबार खड़ा किया. गलगोटिया यूनिवर्सिटी सिर्फ दिल्ली एनसीआर की ही नहीं बल्कि पूरे नॉर्दन इंडिया की बड़ी यूनिवर्सिटीज में से एक है. दिल्ली में चल रहे इंडिया एआई इंपैक्ट समिट (India AI Impact Summit) से गलगोटिया यूनिवर्सिटी को बाहर कर दिया गया है। पहले इस यूनिवर्सिटी का मालिक दिल्ली में सिर्फ एक बुक स्टोर चलाता था? आखिर एक बुक स्टोर के मालिक ने कैसे एजुकेशन का कितना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया और अरबों रुपयों की संपत्ति हासिल की.

इस समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी बड़े विवाद में फंस गई है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने प्रदर्शनी में ओरियन (Orion) नाम का ‘रोबोट डॉग’ प्रदर्शित किया। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने बताया था कि यह रोबोट उनका इनोवेशन है। जबकि वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह एक चीनी कंपनी का बना हुआ प्रोडक्ट है।

सुनील गलगोटिया ने दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अपनी पढ़ाई पूरी की। 1980 के दशक में उन्होंने एक पब्लिशिंग का काम शुरू किया। उस समय उन्होंने गलगोटियास पब्लिकेशंस की शुरुआत की. साल 2000 में उन्होंने गलगोटिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (GIMT) की स्थापना की और फिर इसी साल गलगोटिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की भी शुरुआत की। साल 2011 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया।

सुनील गलगोटिया के करियर की शुरुआत बेहद छोटे स्तर से हुई। उन्होंने साल 2000 में मात्र 40 स्टूडेंट्स के साथ GIMT की स्थापना की थी। आज सुनील गलगोटिया की नेटवर्थ हजारों करोड़ रुपये में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आज सुनील गलगोटिया के कारोबार की वैल्यू करीब 3000 करोड़ रुपये है।

मौजूदा समय में इस ग्रुप में 40,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. इस यूनिवर्सिटी में 40 से ज्यादा देशों के स्टूडेंट्स अपनी स्टडी पूरी करने के लिए आ रहे हैं. खास बात तो ये है कि इस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पूरी कर चुके 1 लाख से ज्यादा लोग 96 देशों में नौकरी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गलगोटिया परिवार ने जो सफर 1 बुक स्टोर से शुरू किया था, वो मौजूदा समय में 3000 करोड़ रुपए के कारोबार के रूप में तब्दील हो चुका है.

सुनील गलगोटिया इस यूनिवर्सिटी के फाउंडर और मालिक हैं. उन्होंने ही इस यूनिवर्सिटी की नींव रखी थी। गलगोटिया जानी-मानी प्राइवेट यूनिवर्सिटी है जो ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में है। आजकल गलगोटिया यूनिवर्सिटी का नेतृत्व उनके बेटे डॉ. ध्रुव गलगोटिया कर रहे हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m