Bihar Politics: बिहार विधान परिषद में शराबबंदी के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। राजद एमएलसी सुनील सिंह ने कल बुधवार को मीडिया से बातचीत में यह दावा किया था कि, बिहार में घर-घर शराब की डिलीवरी हो रही है। अगर प्रमाण चाहिए तो सत्र के आखिरी दिन विधानसभा के प्रांगण में शराब की डिलीवरी करा कर दिखा दूंगा। राजद एमएलसी के इस दावे पर जहां, राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वहीं, विधान परिषद में भी माहौल गरमाया हुआ है।

विधान परिषद में आज गुरुवार को जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने सुनील सिंह के इस दावे पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि, इस तरह का बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि सदन की गरिमा के खिलाफ भी है। नीरज कुमार ने कहा कि, ऐसे में सार्वजनिक मंच से इस प्रकार की टिप्पणी करना अनुचित है। धारा 30 के तहत इस तरह के बयान पर 5 से 10 साल तक की सजा हो सकता है।

नीरज कुमार की इस आपत्ति के बाद सदन का माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। सुनील सिंह ने इसपर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि, जदयू ने ‘किंग महेंद्र’ नामक व्यक्ति से पांच वर्षों तक 99 लाख रुपये लिए। उनके इस आरोप से सत्ता पक्ष के सदस्य नाराज हो उठे और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

इस बीच उपसभापति रामबचन राय ने हस्तक्षेप करते हुए सुनील सिंह को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि, माननीय सर्वोच्च न्यायालय पहले भी सुनील कुमार सिंह पर कड़ी टिप्पणी कर चुका है, इसलिए उन्हें बोलते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए, खासकर तब जब व्यक्ति संवैधानिक पद पर आसीन हो।

जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील सिंह ने कहा कि, हमाम में सभी नंगे हैं। मैं सभी के बारे में एक-एक बात जानता हूं। इस बयान ने विवाद को और हवा दे दी और सत्ता पक्ष के सदस्य इसका विरोध करते हुए हो-हल्ला करने लगे। फिलहाल इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी जारी है। सत्ता पक्ष जहां इसे सदन की गरिमा का प्रश्न बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक द्वेष और मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दे रहा है।

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