सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार की अंतागढ़ मामले पर याचिका, पढ़िए हाईकोर्ट को क्या निर्देश मिला

नई दिल्ली. अंतागढ़ मामले की सुनवाई अब चार महीने बाद सुप्रीम कोर्ट करेगी. इस मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस खानविलकर और जस्टिस चंद्रचूर्ण की बेंच में कांग्रेस पार्टी की ओर से विवेक तन्खा और वैभव श्रीवास्तव ने पैरवी की.

कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को निर्देश दिए हैं कि वो अंतागढ़ चुनाव में आरपीआई के प्रत्याशी रुपधर पुड़ो की याचिका पर चार महीने में सुनवाई पूरी करे. इसके बाद उस निर्णय के प्रकाश में सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करेगी.

इस मामले को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने लंबित राजनीतिक से प्रेरित बताते माना था. कोर्ट ने कहा था कि  टेप सीडी से जांच नहीं हो सकती. इसके बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका लगाई गई. डबल बेंच ने पार्टी को चुनाव आयोग जाने को कहा था.  कोर्ट का मानना था कि राजनीतिक पार्टी संविधान की धारा 226 के तरहत याचिकाकर्ता नहीं बन सकती. इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये मामला पहले से ही संविधान पीठ के पास है. इसलिए संविधान पीठ का निर्णय आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

हाईकोर्ट के निर्णय के बाद मामले को लेकर पार्टी सुप्रीम कोर्ट गई.  इधर, रुपधर पुडो ने भी अपने चुनावी याचिका में आरोप लगाया है कि चुनाव में भारी गड़बड़ी की गई थी.

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