दिलशाद अहमद, सूरजपुर। जिले में एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की नदी में डूबने से मौत हो गई। विश्रामपुर थाना क्षेत्र के सरस्वतीपुर गांव स्थित रेड नदी में नहाने के दौरान यह हादसा हुआ। मृतकों में पिता-पुत्र और उनके रिश्ते के दो नाबालिग भतीजे शामिल हैं। चारों मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले थे। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मृतकों की पहचान विवेक कुमार सिंह (45 वर्ष), पिता विश्वनाथ सिंह, अभिजीत सिंह (20 वर्ष), पिता विवेक सिंह, गोपाल कृष्ण (करीब 13 वर्ष) और कृष्ण गोपाल (करीब 15 वर्ष), दोनों के पिता जितेंद्र सिंह के रूप में हुई है।
घूमने आए थे सूरजपुर, अगले दिन उसी नदी में हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, कृष्ण गोपाल और गोपाल कृष्ण की मौसी सूरजपुर के चंदरपुर नवापारा में रहती हैं, जहां वह ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं। परिवार के लोग घूमने और अपनों के साथ समय बिताने के लिए सूरजपुर आए हुए थे। बताया जा रहा है कि जिस जगह यह दर्दनाक हादसा हुआ, वहां परिवार के लोग एक दिन पहले भी घूमने गए थे।
आज जब परिवार के सदस्य उसी नदी में नहाने पहुंचे, तो किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर में खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
तीन लोगों को डूबता देख पिता ने लगाई छलांग, चारों की मौत
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, नदी में नहाने के दौरान पहले तीन लोग डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए विवेक कुमार सिंह भी पानी में उतर गए। लेकिन नदी की गहराई और पानी में बने भंवर के कारण वह भी खुद को संभाल नहीं पाए। देखते ही देखते चारों लोग पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई।
करीब तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, नदी से निकाले गए चारों शव
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। इसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चारों के शव नदी से बाहर निकाले गए। बाद में शवों को पोस्टमार्टम के लिए विश्रामपुर भेज दिया गया।
एक ही परिवार के चार लोगों की एक साथ मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस परिवार के सदस्य घूमने और एक-दूसरे के साथ समय बिताने सूरजपुर आए थे, वहां अब मातम पसरा हुआ है। इस दर्दनाक घटना से क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।
नदी में नहाते समय बरतें सावधानी
रेड नदी में हुआ यह हादसा एक बार फिर नदी में नहाने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाता है। नदी में पानी की गहराई और भीतर बनने वाले भंवर का अंदाजा लगाना कई बार मुश्किल होता है। ऐसे में डूबते व्यक्ति को बचाने के लिए बिना सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतरना बचाव करने वाले की जान को भी खतरे में डाल सकता है।

