IND vs SA Team: जिस बात का डर था वही हुआ है. टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया को पहली हार का सामना करना पड़ गया. 22 फरवरी की शाम साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को 76 रन के बड़े अंतर से हरा दिया. टीम इंडिया 188 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 111 रनों पर सिमट गई और 76 रनों से मैच गंवा दिया. यह टी20 विश्व कप के इतिहास में रनों के मामले में भारत की सबसे बड़ी हार है. इस हार के चलते टीम इंडिया की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को झटका लगा है. सूर्या की कप्तानी में मिली इस हार से पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को भी बड़ा नुकसान हुआ है.

दरअसल, जैसे ही टीम इंडिया 76 रनों से हारी तो अहमदाबाद में 2023 की यादें ताजा हो गईं, जब रोहित शर्मा की कप्तानी में वनडे विश्व कप का फाइनल गंवाया था. उस हार ने पूरे देश को सन्न कर दिया था. अब सूर्या की कप्तानी में मिली यह हार सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसने रोहित शर्मा के एक ‘विराट’ रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया. ये नुकसान दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मारक्रम ने किया है. वो अब रोहित को पछाड़कर टी20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले तीसरे क्रिकेटर बन चुके हैं. उन्होंने 14 मैचों में 13 जीत दर्ज कर ली हैं, जबकि रोहित के नाम 14 मैचों में 12 जीत हैं.

टी20 विश्व कप के इतिहास का सबसे सफल कप्तान कौन?

टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के नाम है, जिन्होंने 33 मैचों में से 21 बार विजय हासिल की थी. दूसरे नंबर पर केन विलियमसन हैं, जो 21 में से 14 मैच जीत चुके हैं. मारक्रम अब धोनी और केन विलियमसन के बाद इतिहास के तीसरे सबसे सफल कप्तान बन गए हैं.

T20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले कप्तान (Captains with the most wins in T20 World Cup)

21- एमएस धोनी (33 मैच)
14- केन विलियमसन (21 मैच)
13- एडेन मारक्रम (14 मैच)
12- रोहित शर्मा (14 मैच)
12- डैरेन सैमी (18 मैच)
12- दासुन शनाका (21 मैच)

मैच का पूरा लेखा-जोखा

अगर मैच की बात करें तो सुपर 8 में टीम इंडिया का पहला मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ था. अफ्रीकी टीम ने पहले बैटिंग की और बोर्ड पर 188 रनों का टारगेट लगा दिया. यह टी20 विश्व कप इतिहास में भारत के सामने सबसे बड़ा रन चेज था. इसका पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही. महज 51 रनों के स्कोर पर आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी. भारत के लिए शिवम दुबे (42 रन) को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज रन नहीं बना पाया. अफ्रीकी बॉलर्स ने पहले ओवर से पकड़ बनाए रखी. अफ्रीकी पेसर मार्को येनसन ने सबसे ज्यादा 4 विकेट निकाले. पूरी भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रनों पर ढेर हो गई.