उत्तर प्रदेश पहली शादी कानूनी रूप से समाप्त नहीं हुई है, तो लिव-इन पार्टनर से भरण-पोषण नहीं मांग सकती महिला- इलाहाबाद हाईकोर्ट
उत्तर प्रदेश पहली शादी इस्लामिक कानून के तहत हुई तो दूसरी, तीसरी और चौथी शादी शून्य नहीं होगी- हाईकोर्ट