कहानी कुंभ की… 1954 में बेकाबू हाथी की वजह से गई थी 800 लोगों की जान, मेले में पंडित नेहरू भी थे मौजूद, 2013 में एक अनाउंसमेंट के चलते मारे गए थे 35 श्रद्धालु

बेहद शुभ और अद्भुत होने वाला है इस बार का महाकुंभ, चारों पीठ के शंकराचार्य होंगे शामिल, पहली बार लगेगा शृंगेरी पीठ का शिविर, आचार्यों का मिलेगा मंगल सानिध्य

स्वतंत्रता संग्राम का केंद्र रहा ये ‘शक्ति स्थल’, अंग्रेजों का सिर कलम कर देवी को अर्पित करते थे बाबू बंधु सिंह, 7 बार टूटा था फांसी का फंदा, जानिए मां तरकुलहा देवी मंदिर का इतिहास और रोचक तथ्य