आर्थिक कष्ट से मुक्ति का द्वार-अन्नदान : भूखे व्यक्ति को भोजन, पशु-पक्षी और मवेशियों की सेवा या तीर्थस्थल में भिक्षुओं को भोजन कराने से दूर होगी आर्थिक तंगी