पटियाला : टांगरी नदी में पानी का स्तर खतरे के निशान 12 फीट तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। वर्तमान में नदी में 31,059 क्यूसेक पानी बह रहा है। अन्य नदियों में भी मंगलवार की तुलना में पानी का स्तर बढ़ा है। पटियाला जिला अक्सर मानसून के दौरान बाढ़ की चपेट में आ जाता है। पिछले साल 2023 में भी नदी के किनारे बसे आवासीय क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुए थे, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
ड्रेनेज विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पटियाला-पहोवा सड़क पर टांगरी नदी का जलस्तर 12 फीट के खतरे के निशान पर है, जबकि मारकंडा नदी में पानी का स्तर 19.2 फीट तक पहुंच गया है, जो मंगलवार को 17.6 फीट था। मारकंडा नदी में 28,794 क्यूसेक पानी बह रहा है। इसके अलावा, पटियाला नदी में पानी का स्तर 1 फीट, भाखरपुर गांव के पास घग्गर नदी में 0.5 फीट और 1,045 क्यूसेक, सराला कलां के पास घग्गर नदी में 3.5 फीट और 1,043.36 क्यूसेक, तथा सनौली के पास पचीस नाले में 2 फीट दर्ज किया गया है।बुधवार को डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रीति यादव ने क्षेत्र का दौरा किया और घग्गर व टांगरी नदियों में पानी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ऊपरी जलाशय क्षेत्रों में बारिश के कारण टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ा है। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है।

5 जुलाई से भारी बारिश की चेतावनी
गुरूवार को पंजाब में मौसम शुष्क रहा, जिससे तापमान में 5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शुष्क मौसम की भविष्यवाणी की है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। लेकिन 5 जुलाई से पंजाब में मौसम फिर बिगड़ सकता है, जिसके लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
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