SIR के विरोध पर इंडिया गठबंधन को घेरा, बोले- बांग्लादेशियों को वोटर बनाना चाहते हैं विपक्षी दल; हेमंत सरकार पर भी साधा निशाना
दुमका। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में वोट चोरी का नैरेटिव गढ़कर अराजकता का माहौल तैयार करना चाहती है। उनकी मंशा नेपाल और बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में भी सत्ता परिवर्तन कराने की है। बाबूलाल मरांडी गुरुवार को भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के बाद दुमका परिसदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
‘बांग्लादेशियों को वोटर बनाना चाहता है इंडिया गठबंधन’
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और अन्य विपक्षी दलों पर एसआईआर का विरोध करने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का लगातार एसआईआर का विरोध करना इस बात का संकेत है कि वे बांग्लादेशियों को मतदाता सूची में शामिल कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी के आरोप लगाकर विपक्ष देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है, जबकि जनता पहले ही इन दलों को नकार चुकी है।
‘ईवीएम हैक का मुद्दा छोड़ अब वोट चोरी का नैरेटिव’
भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी दलों ने पहले ईवीएम हैक होने का मुद्दा उठाया था। चुनाव आयोग ने जब उन्हें ईवीएम की जांच कर अपनी बात साबित करने की चुनौती दी, तो वे पीछे हट गए। अब विपक्ष वोट चोरी का मुद्दा उठाकर जनता को गुमराह करने में जुटा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विपक्ष के इस नैरेटिव का जवाब देने और जनता तक सच्चाई पहुंचाने के लिए देशभर में पदयात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
हेमंत सरकार पर हमला, बोले- झारखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जनता की समस्याओं से ज्यादा कमाई की चिंता है और राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सरायकेला में थाने के अंदर महिला के साथ दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब थाने में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार युवाओं, किसानों और गरीबों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने धान खरीदी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अब तक धान का समर्थन मूल्य तय नहीं किया गया है। सरकार तब धान खरीदी शुरू करेगी, जब किसान मजबूरी में बिचौलियों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेच चुके होंगे।

