कुंदन कुमार/पटना। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता तारकिशोर प्रसाद ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर जमकर हमला बोला और उनके वादों को निष्प्रभावी करार दिया।

​घोषणापत्र का प्रभाव शून्य: तारकिशोर प्रसाद

​पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तारकिशोर प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र का बंगाल की जनता पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने तर्क दिया कि जनता अब केवल वादों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाली स्थिति और सुरक्षा के आधार पर निर्णय लेगी। भाजपा नेता के अनुसार, टीएमसी अपनी साख खो चुकी है और चुनाव से ठीक पहले किए गए ये लोकलुभावन वादे राज्य की चुनावी दिशा बदलने में नाकाम रहेंगे।

​महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल

​प्रसाद ने अपने बयान में बंगाल की कानून व्यवस्था और महिलाओं की स्थिति को मुख्य मुद्दा बनाया। उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों के व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा, जिस प्रकार से महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के साथ व्यवहार किया गया है, उससे टीएमसी की असली सोच उजागर हो गई है। उन्होंने संदेशखाली जैसी घटनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं के आचरण ने यह साफ कर दिया है कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।

​भाजपा का रुख और चुनावी गणित

​भाजपा नेता ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब परिवर्तन चाहती है। उनके अनुसार, तुष्टीकरण की राजनीति और घुसपैठियों को मिल रहे कथित संरक्षण ने बंगाल के मूल निवासियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। ऐसे में घोषणापत्र के पन्ने सरकार के पिछले रिकॉर्ड को नहीं छिपा सकते। भाजपा इस बार इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच आक्रामक तरीके से जाएगी, जिससे टीएमसी की राहें कठिन होने वाली हैं।