टाटा समूह के भीतर चल रही आंतरिक उठापटक एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. टीवीएस मोटर के चेयरमैन एमेरिटस और टाटा समूह के सात प्रमुख ट्रस्टों के उपाध्यक्ष वेणु श्रीनिवासन ने शनिवार को बाई हीराबाई चैरिटेबल ट्रस्ट (BHJTNCI) के ट्रस्टी पद से अपना इस्तीफा दे दिया है. श्रीनिवासन ने अपने इस्तीफे की वजह अपनी अन्य व्यावसायिक जिम्मेदारियों और व्यस्तताओं को बताया है. लेकिन, यह त्‍यागपत्र समय हुआ है, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यह इस्तीफा टाटा ट्रस्ट्स के भीतर चल रही कानूनी लड़ाई और पात्रता संबंधी विवादों के बीच आया है.

श्रीनिवासन का इस्तीफा उस समय आया, जब ठीक एक दिन पहले टाटा ग्रुप के ही तीन प्रमुख ट्रस्टों के पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री ने उनकी और विजय सिंह की पात्रता को चुनौती दी थी।

टाटा ग्रुप के सात ट्रस्टों के वाइस चेयरमैन और TVS मोटर के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन ने शनिवार (4 अप्रैल) को ‘बाई हीराबाई चैरिटेबल ट्रस्ट’ (टाटा ट्रस्ट) के ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, श्रीनिवासन ने अपने इस्तीफे के पीछे अन्य व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं यानी कमिटमेंट्स का हवाला दिया।

इससे पहले रतन टाटा के करीबी सहयोगी रहे मेहली मिस्त्री ने टाटा ग्रुप से जुड़े चैरिटेबल ट्रस्ट के बोर्ड कंपोजिशन को लेकर चैरिटी कमिश्नर का दरवाजा खटखटाया था। मिस्त्री ने ‘बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन’ के ट्रस्टी के रूप में अपना कार्यकाल रिन्यू न होने के फैसले को चुनौती दी थी।

उन्होंने अपनी याचिका में दावा किया है कि बोर्ड के कुछ सदस्य ट्रस्ट डीड के नियमों के अनुसार पात्रता नहीं रखते हैं, इसलिए उनके द्वारा लिए गए फैसले कानूनी रूप से वैध नहीं हैं।

वेणु श्रीनिवासन टाटा ग्रुप के बेहद भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं। वे न केवल ग्रुप के कई ट्रस्टों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि रतन टाटा के भी करीबी माने जाते रहे हैं। ऐसे में उनके इस्तीफे को कॉर्पोरेट जगत में एक बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

मेहली मिस्त्री को 29 अक्टूबर 2022 से तीन साल के कार्यकाल के लिए ट्रस्टी नियुक्त किया गया था। अक्टूबर 2025 में उनके कार्यकाल के रिन्यूअल का प्रस्ताव आया, जिसे ट्रस्ट के बोर्ड ने नामंजूर कर दिया।

मिस्त्री का तर्क है कि उनके खिलाफ वोट देने वाले ट्रस्टियों में से कुछ खुद ही उस पद पर बैठने के हकदार नहीं हैं। टाटा ट्रस्‍ट के पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री ने वेणु श्रीनिवासन और सह-ट्रस्टी विजय सिंह की टाटा ट्रस्‍ट्स में नियुक्ति को चुनौती दी है. मिस्त्री ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर को दिए आवेदन में श्रीनिवासन और सिंह की ट्रस्ट बोर्ड में नियुक्ति की पात्रता पर सवाल उठाए हैं. मिस्त्री का दावा है कि ये दोनों अधिकारी उन बुनियादी शर्तों और योग्यताओं को पूरा नहीं करते हैं, जो ट्रस्ट डीड (Trust Deed) के तहत एक ट्रस्टी बनने के लिए अनिवार्य हैं.याचिका के अनुसार, इस डीड में ट्रस्टी बनने के लिए दो अनिवार्य शर्तें तय की गई हैं…

  • सभी ट्रस्टी पारसी जोरोस्ट्रियन होने चाहिए।
  • वे बॉम्बे प्रेसीडेंसी-नवसारी क्षेत्राधिकार के स्थायी निवासी होने चाहिए।
  • मिस्त्री का आरोप है कि वर्तमान बोर्ड के दो सदस्य, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह इन शर्तों को पूरा नहीं करते हैं।

याचिका में सीधे तौर पर कहा गया है कि वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह कभी भी पारसी जोरोस्ट्रियन धर्म के नहीं रहे हैं और न ही हो सकते हैं। इसके अलावा मिस्त्री ने आरोप लगाया कि ये दोनों मुंबई के स्थायी निवासी भी नहीं हैं। मिस्त्री का दावा है कि उनकी नियुक्तियां शुरू से ही सही नहीं थीं, इसलिए उनके द्वारा किया गया कोई भी कार्य कानूनन मान्य नहीं है।

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