Bihar News: यूजीसी के नए नियम को लेकर देशभर में हंगामा जारी है। जनरल कैटेगरी के छात्र और सवर्ण समाज लोगों में यूजीसी के इस नए कानून को लेकर काफी आक्रोश में हैं, उनके द्वारा लगातार यूजीसी का विरोध किया जा रहा है। बिहार के भी अलग-अलग हिस्सों में यूजीसी के खिलाफ विरोध देखने को मिल रहा है। वहीं, इस बीच जजद अध्यक्ष और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने यूजीसी कानून का खुलकर समर्थन किया है।

तेज प्रताप यादव ने कल 27 जनवरी को केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी कानून का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- हमारी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यूजीसी द्वारा लाए गए कानून “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” का स्वागत एवं समर्थन करते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने एक पोस्टर भी जारी किया, जिसमें यूजीसी कानून को लेकर उन्होंने अपना व्यक्तव्य देते हुए कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” कानून गरीब, दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा समाज के छात्रों के हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।

तेज प्रताप यादव ने बताया कि, ये नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के साथ साथ नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी चनाने का लक्ष्य निर्धारण एक बेहद ही सराहनीय कदम है। इस कानून के मुताबिक ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।

यह कानून विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को एक समानता प्रदान कर, संविधान में विदित समानता और अधिकार को अधिक मजबूती देगा। हम और हमारी पार्टी जनशक्ति जनता दल इस दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यूजीसी द्वारा लाए गए इस ऐतिहासिक कानून का स्वागत एवं समर्थन करते हैं।

साथ ही राह भी कहना चाहेंगे कि जो भी लोग इस कानून को सनातन से जोड़ कर देख रहे हैं, शायद उन अल्पज्ञानियों को यह नहीं पता है कि दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज भी सनातन के अंतर्गत ही आता है और में भी हमारे ही भाई-बहन हैं।

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