कांग्रेस शासित तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर हिंदुओं को बांटने की राजनीति का आरोप लगा है. भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने शनिवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की गांधी परिवार और संघ परिवार संबंधी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा है कि भगवान शिव गरीबों के देव हैं और राम अमीरों के भगवान हैं. उन्होंने दावा किया कि संघ परिवार पर धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर भारत को बांटने का काम किया है.
CM उन्होंने कहा कि बीजेपी ने भगवान राम को राजनीतिक प्रतीक बना लिया है. इस दौरान उन्होंने भगवान शिव को गरीबों का देवता बताया और कहा कि भगवान राम अमीरों के प्रतीक हैं इसीलिए बीजेपी ‘जय श्री राम’ बोलती है, ‘हर हर महादेव’ नहीं.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक नए बयान ने देश की सियासत में जोरदार भूचाल ला दिया है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि बीजेपी भगवान राम को राजनीतिक भावना से जोड़ती है. सार्वजनिक मंचों पर ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया जाता है. भगवान शिव गरीबों के देव हैं और राम अमीरों के भगवान हैं. इसलिए BJP के कार्यक्रम में ‘हर Har Mahadev’ का जयघोष नहीं होता है.
उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में भगवान राम की पूजा ज्यादा होती है, जबकि दक्षिण भारत में भगवान शिव की आस्था मजबूत है. उन्होंने दावा किया कि गांधी परिवार देश के लिए बलिदान का प्रतीक है, जबकि संघ परिवार पर धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर भारत को बांटने का आरोप लगाया था.
अपने इस संबोधन के दौरान रेवंत रेड्डी ने एक कदम आगे बढ़ते हुए भगवान शिव को ‘गरीबों का भगवान’ और भगवान राम को ‘अमीरों का भगवान’ बता डाला.
इस मु्द्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने मुख्यमंत्री के बयान को मानसिक दिवालियापन बताया.
विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने रेड्डी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए. यह मानसिक दिवालियापन को दिखाता है.
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