Technology Desk: स्मार्टफोन अब सिर्फ कॉलिंग, चैटिंग और वीडियो देखने का जरिया नहीं रह गया है। लोग अब मोबाइल ऐप्स की मदद से पढ़ाई कर रहे हैं, नौकरी तलाश रहे हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से अपने काम भी आसान बना रहे हैं। यही वजह है कि भारत में ऐप्स डाउनलोड करने का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। कोई AI से सवाल पूछ रहा है, तो कोई मोबाइल पर छोटी-छोटी कहानियों और शॉर्ट ड्रामा का मजा ले रहा है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड में गिरावट देखने को मिली है।

सेंसर टावर की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में साल 2025 के दौरान जनरेटिव AI ऐप्स के डाउनलोड में सालाना आधार पर 205 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं, पढ़ाई और नौकरी से जुड़े ऐप्स के डाउनलोड 39 फीसदी बढ़े। मीडिया और एंटरटेनमेंट ऐप्स में भी 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसके उलट, सोशल मीडिया ऐप्स के कुल डाउनलोड में 17 फीसदी की गिरावट आई।

AI ऐप्स बने लोगों की पहली पसंद, डाउनलोड में 205% की बढ़ोतरी

AI टेक्नोलॉजी अब केवल टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है। छात्र, नौकरीपेशा लोग और कंटेंट क्रिएटर्स भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ChatGPT जैसे AI ऐप्स की मदद से लोग सवालों के जवाब खोजने, कठिन विषय समझने, लेख लिखने, नए आइडिया तैयार करने और रोजमर्रा के काम आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

सेंसर टावर की रिपोर्ट में सामने आई 205 फीसदी की बढ़ोतरी बताती है कि भारत में जनरेटिव AI ऐप्स को लेकर दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। हालांकि, ज्यादा डाउनलोड होने का यह मतलब नहीं है कि सभी यूजर्स इन ऐप्स का रोजाना इस्तेमाल भी करते हैं।

मोबाइल पर छोटी कहानियों का क्रेज, एंटरटेनमेंट ऐप्स भी आगे

मोबाइल एंटरटेनमेंट की दुनिया में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब यूजर्स केवल लंबी फिल्में और वेब सीरीज ही नहीं, बल्कि कुछ मिनट के एपिसोड में दिखाई जाने वाली कहानियां और शॉर्ट ड्रामा भी पसंद कर रहे हैं।

सेंसर टावर के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारत में मीडिया और एंटरटेनमेंट ऐप्स के डाउनलोड में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। छोटे एपिसोड और तेजी से आगे बढ़ने वाली कहानियां उन लोगों के लिए आकर्षक विकल्प बन रही हैं, जो कम समय में मनोरंजन चाहते हैं।

Instagram और WhatsApp जैसे ऐप्स के डाउनलोड में 17% गिरावट

एक तरफ नए ऐप्स की मांग बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 के दौरान सोशल मीडिया ऐप्स के कुल डाउनलोड 17 फीसदी घटे।

हालांकि, इसे Instagram, WhatsApp या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता खत्म होने का संकेत मानना सही नहीं होगा। डाउनलोड में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि यूजर्स ने इन ऐप्स का इस्तेमाल बंद कर दिया है। कई लोगों के स्मार्टफोन में ये ऐप्स पहले से इंस्टॉल होते हैं, इसलिए उन्हें दोबारा डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ती।

पढ़ाई और नौकरी के ऐप्स की मांग भी बढ़ी

स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब मनोरंजन के साथ-साथ करियर बनाने के लिए भी किया जा रहा है। सेंसर टावर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एजुकेशन और नौकरी से जुड़े ऐप्स के डाउनलोड में 39 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

इन ऐप्स के जरिए यूजर्स ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं, नई स्किल सीख सकते हैं और नौकरी से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि मोबाइल ऐप्स लोगों के सीखने और रोजगार तलाशने के तरीकों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

आखिर क्या कहता है ऐप डाउनलोड का नया ट्रेंड?

सेंसर टावर के आंकड़ों से साफ है कि भारत में यूजर्स की ऐप डाउनलोड करने की पसंद बदल रही है। AI ऐप्स काम आसान बनाने के लिए लोकप्रिय हो रहे हैं, एंटरटेनमेंट ऐप्स छोटे कंटेंट के जरिए लोगों को आकर्षित कर रहे हैं और एजुकेशन व जॉब ऐप्स करियर से जुड़ी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।

वहीं, सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड में गिरावट को उनकी लोकप्रियता में कमी का सीधा प्रमाण नहीं माना जा सकता। कुल मिलाकर, स्मार्टफोन अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सीखने, काम करने और नई तकनीक अपनाने का अहम माध्यम बनता जा रहा है।