कुमार इंदर, जबलपुर। जबलपुर के वेटेनिरी यूनिवरसिटी में एक 10 साल की मादा लंगूर का इंटरलॉकिंग मेलिंग ऑपरेशन कर इतिहास रच दिया। जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सालय यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने एक मादा लंगूर को नया जीवन दिया गया है। डॉक्टरों ने सड़क हादसे में घायल लंगूर के पैर की हड्डी के 5 टुकड़े हो गए थे। जिसे ऑपरेशन कर जोड़ा गया है। डॉक्टरों ने हड्डी के अंदर राड डालकर बाहर से स्क्रू कसकर लंगूर के पैर का ऑपरेशन किया है। इस प्रक्रिया को इंटरलॉकिंग मेलिंग सिस्टम कहा जाता है।

इतना आसान नहीं था ऑपरेशन

ये ऑपरेशन इतना आसान नहीं था , डॉक्टरों का कहना है कि, जिस वक्त लंगूर को अस्पताल लाया गया। उस वक्त उसकी हालत काफी खराब थी लिहाजा पहले उसे फल और जूस और नारियल पानी देकर उसका हीमोग्लोबिन बढ़ाया गया, और जब लंगूर की हालत स्थिर हुई तो उसका ऑपरेशन किया गया।

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लंगूर के हाथ का ऑपरेशन होना बाकी

लंगूर की पैर के ऑपरेशन के बाद अब लंगूर के हाथ का भी ऑपरेशन होना है। आपको बता दे कि, लंगूर के हाथ की भी दो हड्डी टूटी हुई है। डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है कि एक महीने में ही मादा लंगूर पहले की तरह उछल-कूद करने लगेगी। आपको बता दे कि, नरसिंहपुर जिले की वन विभाग की टीम को 1 सितंबर को 10 साल की ये मादा लंगूर घायल हालत में मिली थी। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह का ये पहला ऑपरेशन था जो अपने आप मे काफी जटिल था।

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