लुधियाना. लुधियाना में फिरोजपुर रोड के डिवाइडर पर बोरी में मिली महिला की लाश के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। मृतक महिला की पहचान महाराज नगर निवासी रेशमा के रूप में हुई है। पुलिस ने रेशमा की हत्या के आरोप में उसकी सास दुलारी, ससुर किशन और लाश को ठिकाने लगाने वाले एक व्यक्ति अजय को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, रेशमा का अपनी सास और ससुर के साथ अक्सर झगड़ा होता रहता था। बीते दिन दो व्यक्तियों ने मोटरसाइकिल पर बोरी में रेशमा की लाश को फिरोजपुर रोड के डिवाइडर पर फेंक दिया था। स्थानीय लोगों ने जब उनसे पूछा कि बोरी में क्या है, तो उन्होंने कहा कि यह खराब आम हैं। बाद में बोरी की जांच में महिला की लाश मिली। इस घटना की वीडियो वायरल होने के बाद मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। मकान मालिक ने बताया कि रेशमा उनके मकान में किराए पर सास-ससुर के साथ रहती थी।

मकान मालिक की सूचना से हुआ खुलासा
मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि उसने गेट के पास कुछ बंधा हुआ देखा था, लेकिन तब उसे शक नहीं हुआ। वायरल वीडियो देखने के बाद उसने बोरी को पहचाना और पुलिस को सूचित किया। जांच में पता चला कि सास दुलारी और ससुर किशन ने रेशमा की हत्या की और लाश को ठिकाने लगाने के लिए दो लोगों, अजय और एक अन्य व्यक्ति, को जिम्मेदारी सौंपी थी।
पुलिस ने सास दुलारी, ससुर किशन और अजय को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस इस मामले में जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है।वायरल वीडियो ने खोला राजवायरल वीडियो में दिखा कि मोटरसाइकिल सवार दो लोग बोरी को डिवाइडर पर फेंककर फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने बोरी खोली, तो उसमें रेशमा की लाश मिली। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद यह सनसनीखेज खुलासा हुआ।
- दीपावली सीजन में महंगाई का बड़ा झटका; आटा, दाल, चावल और ड्राई फ्रूट्स के दाम उछले, रसोई का बजट बिगड़ा
- कटिहार पुलिस लाइन के बैरक में 15 दिन तक मजे से काट रहा था फर्जी सैप जवान, ऐसे हुआ पर्दाफाश!
- दीपावली से पहले उत्तराखंड में बरसी लक्ष्मी, धामी सरकार ने 9.99 लाख बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को दिया पेंशन का संबल
- न प्रचार की चाह, न कमाई का मोह… 40 साल से रामलला के लिए पोशाक तैयार कर रहा यह परिवार
- जंतर-मंतर छात्र प्रोटेस्ट: सुप्रीम कोर्ट बोला- जंतर-मंतर हिंसा मामले में कम शिकायतें मिली, जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए दिया एक महीने का समय

