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दीपक वर्मा,अभनपुर. एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी का मामला सामने आया है. दरअसल ये पूरा मामला जनपद पंचायात अभनपुर का है. जहां अधिकारी लगातार कार्यालय से नदारद रहते हैं. जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल सरकार ने जनपद सीईओ और अन्य अधिकारियों को शासकीय अावास दिया गया है. इसके बावजूद जनपद के अधिकारी ने आवास में न रहकर रायपुर से आना जाना करते हैं. औऱ यहां बने हुए ये सरकारी आवास अब खंडहर में तब्दील हो रहे हैं.अधिकारियों के दूर से आने के कारण उन्हें काफी समय लगता है,कई बार तो अधिकारी समय पर मौजूद नहीं रहते हैं और उनके कमरे में ताला लटका रहता है.
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बात यहीं खत्म नहीं हुई है,अब तो जनपद सीईओ ने मिलने की तारीख और समय भी तय कर दिया है,जो सोमवार और मंगलवार को 12 से 2 बजे है. हालत ये भी हैं कि इन दिनों के अलावा तो कार्यालय में ताला लटका रहता है और अधिकारी नदारद रहते हैं.
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इस संबंध में ग्राम पंचायत डोमा के सरपंच ने बताया की अधिकारियों का कार्यालय में आने का समय ही तय नहीं है. हम कार्यालय में पंचायत के कार्य को लेकर आते हैं. लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती जिससे पंचायत का काम भी रुक जाता है.
वहं इस मामले में ग्राम पंचायत कर्री से जनपद सदस्य खिलेश्वर शर्मा ने कहा कि मैं इस मामले में पहले भी शिकायत कर चुका हूं कि पिछले कुछ महिने यहां कार्यालय से अधिकारी नदारद रहते हैं. लेकिन फिर भी यही स्थिति है.
इधर मामले में जनपद पंचायत के सभापति टिकेंद्र ठाकुर का कहना है कि सरकार ने सीईओ और अन्य अधिकारियों के लिए सरकार ने यहां सरकारी आवास की भी व्यवस्था की है. सराकार ने आदेश भी दिया है कि वे इस आवास में रहें,लेकिन पिछले कई सालों से देखा जा रहा है अधिकारी लगातार नदारद रहते हैं. हम इस मामले को फिर से उठाएंगे और कलेक्टर से भी इस बात को बताएंगे कि वे मामले में संज्ञान लें. जिससे दूर दराज से आने वाले ग्रामीणों की समस्या को सुना जाए और उनकी परेशानियां खत्म हो.हालांकि मामले में अब तक जनपद के अधिकारियों ने कोई जवाब तो नहीं दिया है. लेकिन ये देखने वाली बात होगी कि आखिर कब इस जनपद पंचायत की तस्वीर बदलेगी.