नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने, खासकर मुसलमानों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि लोग अब हिम्मत दिखाने लगे हैं. यह इस बात का संकेत है कि बदलाव आने वाला है. अब्दुल्ला ने SIR और चुनाव आयोग पर सरकार की मनमानी को नेहरू की भूल बताते हुए कहा कि उस एक गलती का खामियाजा हम सब अब भुगत रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अबदुल्ला ने ये भी कहा, ‘जिस तरह से एसआईआर के पूरे काम में लाखों मुसमलानों के नाम काट दिए गए वो ज्यादती है.

चुनाव आयोग को लेकर देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है. चुनाव आयोग, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. SIR अभियान के तहत जिस तरीके से लोगों के नाम जोड़े और हटाए गए, उसको लेकर पूरा विपक्ष सड़कों पर है. 

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने को मुसलमानों के खिलाफ साजिश बताया है. फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘लोग अब हिम्मत दिखाने लगे हैं. मैं रहूं न रहूं बदलाव आएगा.’ फारूक अब्दुल्ला ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध के बीच चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की कथित कार्रवाई की आलोचना की.

श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में अब्दुल्ला ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर हमलावर होते हुए कहा कि किसी को भी भारतीय नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से हटाने का अधिकार नहीं है. SIR के दौरान उन्होंनने चुन-चुनकर मुसलमानों के नाम हटाए. क्योंकि वो हमेशा सत्ता में बने रहना चाहते हैं. अब्दुल्ला ने कहा कि देश में बदलाव की हवा चलने लगी है और भारत की भावना अभी भी पूरी तरह ज़िंदा है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि सरकार चुनाव आयोग के जरिए जो मनमानी कर रही है, उसकी वजह नेहरू की एक बड़ी भूल है. अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव आयोग को पूरी तरह से स्वतंत्र न बनाना ही नेहरू की सबसे बड़ी गलती थी.

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